न पद का गर्व न ही कपड़े गंदे होने की परवाह. बांध टूटने से गरीबों पर आफत नहीं आए, सिर्फ इसी की चिंता. तभी तो, बिहार के पूर्वी चंपारण के पताही में बाढ़ का जायजा लेने डीएम रमण कुमार पहुंचे तो अलग अंदाज में नजर आए. अधिकारियों को निर्देश देने के साथ खुद भी बांध की मरम्मत में जुट गए. मजदूरों के साथ कंधे पर बालू की बोरी लेकर बारिश के कटाव को ठीक करने लगे.

आपको बता दे कि पूर्वोत्तर राज्यों के साथ ही बिहार में पिछले कई दिनों से भारी बारिश हो रही हैं. नदी एवं डूब क्षेत्र में आने वाले गाँवो एवं कस्बो में बाढ़ के हालात बन चुके हैं. कई नाले एवं नदिया खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं. ऐसे में प्रशासनिक टीम लगातार गाँवो का दौरा कर हालातों की जानकारी ले रही हैं. ऐसी ही एक टीम का नेतृत्व कर रहे हैं थे डीएम रमण कुमार.

डीएम रमण कुमार प्रशासनिक टीम के साथ पताही प्रखंड के देवापुर खोड़ीपाकड़ घाट पर पहुंचे. यहां बागमती खतरे के निशान से उपर बह रही है. निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने बांध के तटबंध पर हुए जल-कटाव को जैसे ही देखा तो पास ही खड़े मजदूरों से कुदाल ले ली और बोरी में बालू भरकर कटाव वाले स्थान को भरने लगे.

फिर क्या था, डीएम साहब को काम करता हुआ देखकर तमाशबीन भीड़ ने भी काम करना शुरू कर दिया. सेल्फी एवं वीडियो की जगह कुदाल एवं रेत की बोरियों ने ले ली और कुछ ही समय में जल-कटाव को ठीक कर दिया. सामूहिक भागीदारी के चलते एक तटबंध को टूटने से बचा लिया गया. जिलाधिकारी ने मौके पर तैनात विभागीय अभियंता व प्रशासनिक अधिकारियों को हिदायत दी कि किसी भी स्थिति में तटबंध टूटने नहीं चाहिए.

dm raman kumar on duty
एनडीआरएफ टीम के साथ निरीक्षण के दौरान डीएम रमण कुमार | तस्वीर साभार : जागरण

दिनभर के निरीक्षण के बाद डीएम ने शाम में भी आराम मुनासिब नहीं समझा. देर रात तक एनडीआरएफ की टीम के साथ गांवों के दौरे करके राहत कार्य शुरू किये जिससे कि बारिश से होने वाली जान एवं माल की हानि को कम से कम किया जा सके.

पूर्वी चंपारण के डीएम रमण कुमार कहते हैं कि आम आदमी की जिंदगी की रक्षा सबसे अहम है. आम लोग वहां बांध को लेकर चिंतित थे और काम कर रहे थे. मैंने भी श्रमदान किया. यह मेरा नैतिक दायित्व था. ऐसा सभी को करना चाहिए.

प्रशासनिक अधिकारियों को आपात स्थिति में अपने पद की ठसक से बाहर निकलकर आम आदमी के साथ कदमताल करना चाहिए. ऐसा करने से बड़ी से बड़ी आपदा को सामूहिक भागीदारी से टाला जा सकता है. मैंने जो किया वह एक आदमी के तौर पर मेरा दायित्व है.

बी पॉजिटिव इंडिया, पूर्वी चंपारण के डीएम रमण कुमार के कार्यों की सराहना करता हैं और उम्मीद करता हैं कि आपदा एवं संकट के समय में सामूहिक भागीदारी से होने वाले नुकसान को कम किया जा सके !

( मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित )

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