मुश्किल नहीं है कुछ दुनिया में, तू जरा हिम्मत तो कर ।
ख्वाब बदलेंगे हकीकत में, तू जरा कोशिश तो कर ॥

यह पंक्तियाँ इस नौजवान IAS अधिकारी पर सटीक बैठती हैं. पांच बार प्रयास करने के बाद उन्हें यूपीएससी में सफलता मिली. कई बार इंटरव्यू तक जाकर असफल हुए, BSF में चयन होने के बाद बांग्लादेश बॉर्डर पर देश की सुरक्षा में लगे रहे लेकिन IAS बनने के सपने को जिन्दा रखा और मुश्किल परिस्थितियों में भी हार मानने के बजाय सफलता की इबारत लिख दी. असंभव की संभव बनने वाले IAS अधिकारी का नाम हैं हरप्रीत सिंह.

बांग्लादेश बॉर्डर में अपनी तैनाती के दौरान इस बीएसएफ जवान ने तैयारी करके यूपीएससी के 19वीं रैंक हासिल की. पंजाब के लुधियाना के दोराहा शहर के रहने वाले वाले हैं हरप्रीत सिंह.

IAS Harpreet Singh Img
हरप्रीत सिंह | तस्वीर साभार : हरप्रीत सिंह की फेसबुक वाल से

हरप्रीत सिंह ने टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया कि उन्होंने पांचवें प्रयास में सफलता हासिल की. किस्मत ने पहली बार में उन्हें प्रीलिम्स में पास करा दिया लेकिन, वो मेन्स में अटक गए. फिर बाकी तीन बार वो इंटरव्यू तक पहुंचकर बाहर हो गए.

फिर साल 2017 में उन्होंने 454 रैंक हासिल की. इसके बाद उन्होंने इंडियन ट्रेड सर्विस ज्वाइन की. फिर साल 2018 में उन्होंने एक बार फिर सिविल सर्विस का एग्जाम दिया जिसका रिजल्ट साल 2019 में आया इसमें वो 19वीं रैंक पा चुके थे.

हरप्रीत ने बताया कि जब वो कोचिंग के लिए गए तो पहली ही बार में उन्होंने असिस्टेंट कमांडेंट की परीक्षा पास कर ली. यहीं से उन्हें बीएसफ में पोस्टिंग मिल गई. उन्होंने यहां से बीएसएफ में बतौर असिस्टेंट कमांडेंट पश्चिम बंगाल स्थित बांग्लादेश बॉर्डर में ज्वाइन कर लिया. अब देश की सुरक्षा के साथ पढाई करना चुनौती भरा था इसलिए उन्होंने पढ़ाई के लिए उन्होंने एक खास तरीका चुना था. वो कोचिंग से ज्यादा अपने हाथ से बनाये नोट्स पर ज्यादा विश्वास रखते हैं.

IAS Harpreet Singh Img1
हरप्रीत सिंह | तस्वीर साभार : हरप्रीत सिंह की फेसबुक वाल से

हरप्रीत बताते हैं कि कॉलेज खत्म होने के बाद उन्हें आईबीएम कंपनी में नौकरी मिल गई थी. थोड़े ही दिन में उनका इस नौकरी से मन ऊब गया था. उन्हें इस नौकरी में बिल्कुल भी अच्छा नहीं लग रहा था. इसके बाद उन्होंने यूपीएससी की तैयारी के लिए मन बनाया और तैयारी में जुट गए.

बीएसफ में एक दौर था जब उन्हें फिजिकल ट्रेनिंग से गुजरना था. ये ट्रेनिंग काफी मुश्किल होती है. ऐसे में उन्हें तैयारी का बहुत वक्त नहीं मिला. फिर उनकी सीधी पोस्टिंग पश्चिम बंगाल में बांग्लादेश बॉर्डर पर हो गई. अब यहां वो खाली वक्त में सिविल सर्विस की तैयारी में जुट गए. लेकिन इतने कम वक्त में भी उन्होंने तैयारी की और यूपीएससी में सफल हो गए.

बी पॉजिटिव इंडिया, हरप्रीत सिंह को यूपीएससी में चयन पर बधाई देता हैं और भविष्य के लिए शुभकामनाए देता हैं.

( मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित )

Comments

comments