हिमाचल प्रदेश कैडर के आईएएस यूनुस खान और उनकी पत्नी आईपीएस अंजुम आरा ने समाज के सामने अनूठी मिसाल पेश की. उन्होंने देश की रक्षा करते हुए सीमा पर शहीद हुए हिमाचल प्रदेश के नायब सूबेदार परमजीत सिंह की बेटी को गोद लिया है.

शहीद के अंतिम-संस्कार कार्यक्रम में गए जिला अधिकारी आईएएस यूनुस खान ने शहीद की बेटी के पालन पोषण से लेकर शादी तक की तमाम जिम्मेवारियों का निर्वहन करने का फैसला किया. उनकी बेटी का नाम खुशदीप सिंह कौर है.

आपको बता दे कि शहीद नायब सूबेदार परमजीत सिंह के 3 बच्चे हैं जिनमें एक 16 वर्ष की बड़ी बेटी तथा 12 वर्षीय जुड़वां बेटा और बेटी हैं. यूनुस ने छोटी बेटी को गोद लेने का निर्णय लिया है. इसको लेकर परिवार ने भी अपनी सहमति प्रदान कर दी है. यूनुस हर माह इस बेटी के खाते में राशि भेजेंगे.

खुशदीप कौर के साथ IPS अंजुम आरा | Photo Credits : India View

आईएएस यूनुस एक पिता की भूमिका अदा करेंगे तो माँ की ममता लुटाने का काम आईपीएस अंजुम आरा मां करेगी. हालांकि यह बेटी अपनी मां और भाई-बहन के साथ ही रहेगी. लेकिन उसकी परवरिश का सारा दायित्व यूनुस खान एवं अंजुम आरा ने लिया है.

आईएएस यूनुस खान कुल्लू में जिलाधिकारी हैं जबकि अंजुम आरा सोलन की एसपी हैं. अंजुम आरा उत्तर प्रदेश के सहारनपुर के एक छोटे से गांव की रहने वाली हैं. उन्होंने आईपीएस बनने से पहले इंजीनियरिंग में बीटैक की डिग्री हासिल की है. अंजुम 2011 बैच की आईपीएस अफसर हैं. जबकि यूनुस खान 2010 बैच के आईएएस हैं। इन दोनों की चार साल का बेटा भी है.

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अंजुम ने कहा, ”खुशदीप अपनी फैमली के पास ही रहना चाहती है. ऐसे में हम उसका घरेलू, पढ़ाई और शादी का पूरा खर्च उठाएंगे. समय-समय पर घर जाकर बेटी और शहीद की फैमिली से मुलाकात भी करेंगे. उन्हें कोई परेशानी न हो, इसके लिए कोशिश करते रहेंगे. अगर वह आईएएस-आईपीएस अफसर या किसी और फील्ड में करियर बनाना चाहती है तो इसके लिए पूरी मदद करेंगे.

IPS अंजुम आरा और IAS यूनुस खान का परिवार | Photo Credits : Dainik Bhaskar

यूनुस ने कहा, ”किसी शहीद की फैमिली का दर्द असहनीय होता है, लेकिन हम इसे बांटने की कोशिश तो कर सकते हैं. बेटी के लिए बेहतर एजुकेशन का इंतजाम करना एक नागरिक के चलते हमारी ड्यूटी है. ये खुशदीप के ऊपर है कि वह गांव या कहीं और अपनी पढ़ाई पूरी करे. हम जिंदगी के फैसले लेने में भी उसकी मदद करेंगे.”

इस आईएएस-IPS दम्पति की पहल ने समाज के सामने नजीर पेश की है. देश में अक्सर धार्मिक उन्माद के चलते तनाव की स्थिति बन जाती है लेकिन यूनुस और अंजुम आरा जैसे लोग देश की अखंडता और आत्मा को बचाने में महत्वपूर्ण योगदान देते है.

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