हर बच्चा पढ़ेगा, तभी देश आगे बढ़ेगा !

इसी मूलमंत्र के साथ एक युवा देश की प्रगति में अपना योगदान दे रहा हैं. शिक्षा दान को महादान समझने वाले इस युवा ने अपने काम से समय निकाल कर समाज के पिछड़े एवं जरूरतमंद लोगों को शिक्षित करने का बीड़ा उठाया हैं. हाशिए पर रहे बच्चों को नशे एवं दुर्व्यवहार से निकालकर गौरवमयी भविष्य देने की कोशिश की जा रही हैं. हरियाणा के यमुनानगर से शुरू हुआ इनका सफर देश के चार राज्यों में होते हुए 7 शहरों तक पहुँच चूका हैं. बिना सरकारी सहायता या फंडिंग के 450 से ज्यादा बच्चों को पढ़ाने का काम कर रहे हैं. उनकी नींव मजबूत करने के बाद उन्हें सरकारी एवं निजी स्कूल में प्रवेश दिलाया जाता हैं और इनकी जरूरतों की पूरा किया जा रहा हैं. शिक्षा के जरिये देश एवं समाज में बदलाव लाने की कोशिश कर रहे हैं गौरव चौधरी.

हरियाणा के यमुनानगर के रहने वाले गौरव चौधरी अपने संस्थान ‘ख़ुशी उन्नति केंद्र (KuK)‘ के जरिये गरीब एवं असहाय बच्चों को शिक्षित कर रहे हैं. बच्चों को शिक्षा के साथ ही स्किल्स ट्रेनिंग, आत्मरक्षा, योग एवं साइंटिफिक तरीके से विकास कर रहे हैं. KuK के जरिये शिक्षा के साथ ही अन्य सामाजिक कार्य जैसे कि वृक्षारोपण, सरकारी स्कूल में कैंप का आयोजन एवं जरूरतमंदों की सहायता की जाती हैं.

Gaurav with kids
बच्चों के साथ KuK टीम

बी पॉजिटिव इंडिया से बातचीत में गौरव चौधरी बताते हैं कि हरियाणा का बच्चा जन्म लेता हैं तो उसमे देशभक्ति की भावना भरी होती हैं. ‘नमस्ते’ की जगह ‘जय हिन्द’ बोलना सींखता हैं. देश की सुरक्षा के लिए तो खूब प्रतिनिधित्व मिल जाता हैं लेकिन देश के अंदर कई ऐसे बच्चे हैं जो बेसिक शिक्षा से भी वंचित हैं. सरकार अपने स्तर पर काम कर रही हैं लेकिन हमें भी देश निर्माण में भागीदारी निभानी होगी.

2012 में निर्भया सामूहिक बलात्कार की घटना ने देश को हिला कर रख दिया. महिला सुरक्षा एवं आत्म-रक्षा पर कई डिबेट्स हुई लेकिन उनका असर धरातल पर नजर नहीं आया. लड़कियों को आत्मरक्षा के प्रशिक्षण के लिए मैंने अपने भाई यजुविन्दर चौधरी जो कि राष्ट्रीय ताइक्वांडो ख़िलाड़ी हैं और अंतराष्ट्रीय स्पर्धाओं में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए मैडल जीत चुके हैं, के साथ मिलकर सरकारी एवं निजी स्कूल में ट्रेनिंग देना शुरू किया. शुरुआत में कुछ समस्याए हुई लेकिन इस पहल को सबने सराहा और हमें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया.

social issues by KuK
सामाजिक समस्याओं के बारे में भी बच्चों को जागरूक करती हैं KuK टीम

गौरव चौधरी आगे बताते हैं कि इसके बाद हमने शिक्षा के क्षेत्र में काम करने का निश्चय किया क्योंकि अगर हम बच्चे को शिक्षित करके आत्मनिर्भर बना देंगे तो वो अपने परिवार के साथ ही समाज के विकास में अपनी भागीदारी निभाएगा. आज की शिक्षा प्रणाली में शिक्षक और विद्यार्थी में लगाव की कमी देखी जा रही हैं जिसके चलते बच्चे स्कूल जाने के इच्छुक नहीं होते हैं. स्कूल प्रशासन परिणाम को लेकर गंभीर होते हैं लेकिन बच्चों के सम्पूर्ण विकास को अनदेखा किया जाता हैं.

ख़ुशी उन्नति केंद्र (KuK ) के जरिये हमने यमुना नगर के उन इलाकों में जाना शुरू किया, जहाँ पर बच्चे पढ़ने के लिए नहीं जाते हैं. शुरुआती कुछ दिनों में हम उन्हें पेन, पेंसिल एवं किताबे देते हैं. थोड़े समय बाद उन्हें पढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं. इसके बाद अगले 3-4 महीने हम उस बच्चे को धीरे-धीरे पढ़ाना शुरू करते हैं. स्मार्ट क्लास और प्रोजेक्टर के जरिये इनको पढ़ाया जाता हैं जिससे कि उन्हें आसानी से समझ में आ सके.

smart class room KUK
स्मार्ट क्लास के जरिये बच्चों को पढ़ाती हैं KuK टीम

गौरव आगे बताते हैं कि बच्चों से भावनात्मक रिश्ता कायम होने के बाद बच्चे अपने मन से पढ़ना चाहते हैं. छुट्टी हो या बारिश वो हमेशा कम्युनिटी सेण्टर पर आते हैं. हम भी उन्हें बेसिक शिक्षा देकर सरकारी या निजी स्कूल में एडमिशन दिलाने की कोशिश करते हैं. उनकी फीस, कपड़े एवं बैग की व्यवस्था करते हैं. इसके साथ ही उन्हें अलग-अलग स्किल्स में ट्रेनिंग देते हैं.

बच्चों को पढ़ाने के साथ ही मोबाइल रिपेयरिंग और कुकिंग क्लास की ट्रेनिंग भी देते हैं ताकि बच्चे नयी स्किल सींख पाए और स्किल के जरिये रोजगार भी तलाश कर सके. मोबाइल और कुकिंग के क्षेत्र में असीम संभावनाए हैं और इन क्षेत्रों में रोजगार के मौके भी लगातार पैदा हो रहे हैं. अतः बच्चों को रोजगार के लिए तैयार करने से उनमे आत्मविश्वास भी बढ़ता हैं.

school kit distribution
सरकारी स्कूल की छात्राओं को शिक्षण सामग्री वितरित करते हुए KuK टीम

इनकी मुहिम हरियाणा के यमुना नगर, उत्तराखंड के अल्मोड़ा एवं देहरादून, उत्तर प्रदेश के बहराइच, पंजाब के पटियाला और बिहार के पटना शहर तक पहुंच चुकी हैं. सात सेण्टर पर 450 से ज्यादा बच्चों को पढ़ाया जा रहा हैं और हमारा लक्ष्य अगले साल के अंत तक 2000 बच्चों को पढ़ाना हैं. इसी के साथ सोशल मीडिया पर हमारे से 33 लाख से ज्यादा लोग जुड़े हुए हैं जिनके जरिये शिक्षा के प्रति जागरूकता फ़ैलाने का काम किया जा रहा हैं.

गौरव फंडिंग के बारे में बताते हैं कि हम किसी से भी दान स्वीकार नहीं करते हैं. ख़ुशी उन्नति केंद्र (KuK) के सदस्य ही अपनी आय से कुछ हिस्सा देते हैं. इसी के साथ कोई इच्छुक होता हैं तो हम दानदाता को जरूरतमंद व्यक्ति से मिलवाने का काम करते हैं. हमने काम को सुचारु रूप से चलाने के लिए ख़ुशी उन्नति केंद्र (KuK) का एनजीओ के रूप में 9 मई 2018 को रजिस्ट्रेशन करवा चुके हैं.

KuK Kids
बच्चों के साथ गौरव चौधरी

आपको बता दे कि गौरव का जन्म हरियाणा के यमुना नगर में हुआ. प्रारंभिक शिक्षा के बाद उन्होंने इंजीनियरिंग की पढाई की और ख़ुशी उन्नति केंद्र (KuK) की जिमेदारी के साथ ही अपना एक्सपोर्ट-इम्पोर्ट का व्यापार भी करते हैं. अपनी आय का बड़ा हिस्स्सा वो सामाजिक कार्यों और ख़ुशी उन्नति केंद्र (KuK) के कार्यों में लगाते हैं.

अगर आप भी गौरव चौधरी या ख़ुशी उन्नति केंद्र (KuK) से जुड़ना चाहते हैं तो यहाँ क्लिक करे !

बी पॉजिटिव इंडिया, गौरव चौधरी और ख़ुशी उन्नति केंद्र (KuK) की पूरी टीम के कार्यों की सराहना करता हैं. उम्मीद करता हैं कि आप शिक्षा के जरिये देश को उन्नति पथ पर ले जाएंगे और जरूरतमंद बच्चों का ऐसे ही भविष्य संवारते रहेंगे,

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