भारतीय सेना के वीरता के किस्से तो चर्चित हैं लेकिन सैनिकों की दोस्ती के भी कई किस्से मशहूर हैं. सीमा पर देश की रक्षा के लिए कंधे से कन्धा मिलाकर चलने वाले वीर जवान निजी जीवन में भी वही आत्मीयता रखते हैं. ऐसा ही कुछ हुआ हैं बिहार में एक शहीद कमांडों की बहन की शादी में.

3 जून को हुई यह शादी पुरे देश में चर्चा का विषय बन चुकी हैं. शहीद गरुड़ कमांडो ज्योति प्रकाश निराला की बहन की शादी थी. शहीद ज्योति प्रकाश निराला के घर की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी तो गरुड़ कमांडोज ने चंदा इकठ्ठा करके परिवार की पांच लाख रुपये सौंपे. इतना ही नहीं लगभग 100 गरुड़ कमांडोज ने शादी में शिरकत की और एक रस्म के दौरान उनके अनूठे व्यवहार ने शादी को यादगार बना दिया.

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शहीद गरुड़ कमांडो ज्योति प्रकाश निराला की बहन की शादी के लिए पैसे इकट्ठे किये हैं साथी जवानों ने

शशिकला की शादी बिहार के पाली रोड़ डेहरी के रहने वाले सुजीत कुमार से हुई. इन कमांडो ने विदाई के समय दुल्हन के पांव जमीन पर नहीं पड़ने दिया. जहां-जहां दुल्हन के पांव पड़ते थे, उससे पहले शहीद के मित्र जवानों ने अपने हथेली बिछा दी. वायुसेना के गरुड़ कमांडो की हथेलियों पर पांव रखकर शहीद की बहन विदा हुई. शहीद के परिवारजनों ने इसे अपनी जिंदगी का सबसे यादगार समय बताया और कहा कि निराला के साथियों ने एक बहन को उसके भाई की कमी महसूस नहीं होने दी.

आपको बता दे कि 18 नवंबर 2017 को जम्मू कश्मीर के बांदीपोरा जिले के चंदरनगर गांव में कुछ आतंकवादियों के छिपे होने की सूचना मिली थी. मौके पर पहुंची राष्ट्रीय राइफल्स के जवान और गरुड़ कमांडोज की टीम का नेतृत्व कर रहे थे ज्योति प्रकाश निराला. ऑपरेशन के दौरान ज्योति प्रकाश ने भी गोलियों और हथगोलों से आतंकियों पर हमला कर दिया. अकेले ही तीन आतंकियों को मार गिराया. इस दौरान आतंकियों की गोली लगने की वजह से वो शहीद हो गए.

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शहीद गरुड़ कमांडो ज्योति प्रकाश निराला के बहादुरी के किस्से काफी चर्चित हैं

ज्योति प्रकाश निराला की बहादुरी के किस्से राष्ट्रीय राइफल्स के साथ ही इंडियन एयरफोर्स के लिए भी मिसाल बन गई. शहादत के बाद सरकार ने उन्हें अशोक चक्र सम्मान से सम्मानित करने के लिए चुना. 26 जनवरी 2018 को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शहीद ज्योति प्रकाश निराला की पत्नी को ये सम्मान सौंपा. सम्मान देते हुए राष्ट्रपति भावुक हो गए थे. उनकी आंखो से आंसू आ गए थे.

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शहीद को सम्मान देने के दौरान राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद भी भावुक हो गए थे

ज्योति प्रकाश निराला बिहार के रोहतास जिले के रहने वाले थे. 31 साल की उम्र में उनकी शहादत के बाद परिवार में बूढ़े मां-बाप हैं. इसके अलावा उनकी पत्नी और एक बेटी भी है. शहीद निराला की तीन बहनें हैं.

बी पॉजिटिव इंडिया, शहीद ज्योति प्रकाश निराला की शहादत को सलाम करता हैं और उनके दोस्त एवं गरुड़ कमांडोज की सकारात्मक पहल की प्रशंसा करता हैं.

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