नारी हूँ मैं, प्रेम की प्रतिमूर्ति हूँ मैं ।
ममत्व की परिभाषा हूँ मैं, विध्वंस का स्वरुप हूँ मैं ॥

यह पंक्तियाँ देश के लिए शहीद हुए पायलेट की पत्नी पर सटीक बैठती हैं. छह महीने पहले प्लेन क्रैश में शहीद हुए अपने पति के गम को पीछे छोड़कर उन्होंने वायुसेना में दाखिला लेने का फैसला लिया. देश की कठिनतम परीक्षाओं में से एक एसएसबी पास करके वो अब वायुसेना में अधिकारी बनने वाली हैं. देश के लिए अपनी जान कुर्बान करने वाले पति की राह पर पत्नी भी चल पड़ी हैं. इस महिला शक्ति का नाम हैं गरिमा अब्रोल.

आपको बता दे कि फरवरी 2019 में हुए मिराज-2000 क्रैश में स्क्वाड्रन लीडर समीर अब्रोल की मौत हो गई थी. अब उनकी पत्नी गरिमा अब्रोल ने सर्विस सिलेक्शन बोर्ड (एसएसबी) की परीक्षा पास कर ली है. वह जल्द ही वायुसेना में शामिल होंगी.

रिटायर्ड एयर मार्शल अनिल चोपड़ा ने सोमवार को ट्विटर से इसकी जानकारी दी. चोपड़ा ने बताया कि गरिमा पहले तेलंगाना की दुंदिगल एयरफोर्स एकेडमी ज्वाइन करेंगी. इसके बाद जनवरी 2020 में वायुसेना का हिस्सा बनेंगी.

 

चोपड़ा ने गरिमा और समीर की फोटो पोस्ट कर उन्हें असाधारण क्षमताओं वाली महिला बताया।.उन्होंने आगे लिखा, “सभी महिलाएं बराबर नहीं होतीं, कुछ जवानों की पत्नियां होती हैं.”

बेंगलुरू में इस साल 1 फरवरी को ट्रेनी लड़ाकू विमान मिराज-2000 दुर्घटनाग्रस्त हो गया था. इसमें 2 पायलटों की मौत हो गई. हादसा हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) एयरपोर्ट पर हुआ. प्लेन में स्क्वाड्रन लीडर समीर अब्रोल के साथ स्क्वाड्रन लीडर सिद्धार्थ नेगी सवार थे. हादसे के वक्त दोनों प्लेन से बाहर निकल गए थे. एक पायलट की मौत प्लेन के मलबे पर गिरने से हो गई, जबकि दूसरे ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया.

मुसीबत की घड़ी में परिवार की संभालने के साथ ही वायुसेना में भर्ती होने का निर्णय लेकर गरिमा ने अभिनव पहल की हैं. देशभर की महिलाओं और लड़कियों के सामने उदाहरण पेश किया हैं और बता दिया कि संघर्षों से कभी इंसान हारता नहीं हैं बल्कि संवरता हैं.

बी पॉजिटिव इंडिया, स्क्वाड्रन लीडर समीर अब्रोल की शहादत को सलाम करता हैं और गरिमा अब्रोल के साहस और जज्बे की प्रशंसा करता हैं.

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