किसी भी समस्या को हल करने के लिए संसाधन नहीं इच्छाशक्ति की जरूरत होती हैं.

देश में प्रदुषण और पर्यावरण के हालात चिंताजनक हैं. निजी एवं सरकारी स्तर पर प्रयास किये जा रहे हैं लेकिन यह काफी नहीं दिखाई पड़ते हैं. सरकार एवं प्रशासन को सख्त नियम एवं योजनाए बनानी पड़ेगी तो जनता को सामूहिक भागीदारी के जरिये अपनी भूमिका अदा करनी पड़ेगी. नहीं तो हम आने वाली पीढ़ियों के लिए रहने योग्य जगह उपलब्ध नहीं करवा पाएंगे और यह व्यक्ति विशेष नहीं बल्कि पूरी पीढ़ी के लिए शर्म की बात होगी.

पर्यावरण सरंक्षण की इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ की अंबिकापुर नगर निगम ने नयी शुरुआत की हैं. देश में सबसे साफ़ शहरों में दूसरे नम्बर पर स्थित अंबिकापुर ने जन कल्याण एवं स्वच्छता अभियान को जोड़ने का काम किया हैं.  योजना के तहत एक किलो प्लास्टिक कचरा लाने पर मुफ्त में खाना तो आधे किलो प्लास्टिक लाने पर नाश्ता उपलब्ध करवाया जायेगा. इकट्ठे हुए प्लास्टिक को ग्रेनुअल के जरिये टुकड़ों में तोड़कर सड़क निर्माण में इस्तेमाल किया जायेगा.

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प्लास्टिक कचरा देश एवं दुनिया के लिए बड़ी समस्या बनता जा रहा हैं | प्रतीकात्मक तस्वीर

इस योजना के तहत नगर निगम शहर के गरीब और बेघर लोगों को प्लास्टिक के बदले भोजन उपलब्ध कराएगा. सड़क या सार्वजनिक स्थानों पर बिखर पड़े कचरे को इकठ्ठा करने की योजना हैं. इसकी शुरुआत शहर के प्रतीक्षा बस स्टैंड से की जाएगी.

हाल ही में पेश हुए नगर निगम के बजट में इस योजना लिए अलग से बजट की व्यवस्था की गयी हैं. जबकि जरूरत पड़ने पर जनप्रतिनिधियों एवं सामूहिक भागीदारी के जरिये मदद ली जाएगी.

अंबिकापुर के मेयर डॉ. अजय तिर्की ने बताया कि गार्बेज कैफे के तहत इस अभियान को शुरू करने वाला अंबिकापुर देश का पहला शहर होगा. अब तक किसी निगम में यह व्यवस्था नहीं है.

अभियान के तहत नगर निगम शहर के गरीब और बेघर लोगों को मुफ्त में भोजन कराएगा. यही नहीं ऐसे लोगों के लिए भोजन के साथ रहने का प्रबंध भी किया जाएगा. इस योजना को स्वच्छता अभियान से जोड़ा जा रहा है.

मेयर डॉ. अजय तिर्की ने बताते हैं कि निगम ने पहले ही प्लास्टिक कैरी बैग को प्रतिबंधित कर दिया है. गार्बेज कैफे से इसे जोड़कर इसे और सख्ती से अमल कराया जाएगा. लोग प्लास्टिक इकट्‌ठा कर निगम को देंगे. इसका उपयोग रिसाइकिल के बाद ग्रेनुअल तैयार कर सड़कें बनाने में होगा.

आपको बात दे कि अंबिकापुर देश का पहला शहर हैं, जहाँ पर प्लास्टिक के मिश्रण से सड़क बनायीं गयी हैं. प्लास्टिक के मिश्रण से बनने वाली सड़क टिकाऊ होती है, क्योंकि इससे पानी अंदर नहीं जाता है.

बी पॉजिटिव इंडिया, अंबिकापुर नगर निगम की पहल की प्रशंसा करता हैं और उम्मीद करता हैं कि आप से प्रेरणा लेकर देश के अन्य शहर भी पर्यावरण सरंक्षण में अपनी भूमिका निभाएंगे.

( मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित )

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