आज का युवां जहाँ सरकारी नौकरी के पीछे अपना सब कुछ लगा रहे है लेकिन आज हम बात कर रहे है उस शख्स की जिसने अपनी सरकारी नौकरी छोड़कर एक आयुर्वेदिक अस्पताल खोला है जिसमे वो गरीबों का मुफ्त में कैंसर जैसे असाध्य रोगों का आयुर्वेदिक पद्धति से इलाज कर रहे है । किसान परिवार में जन्मे और संघर्ष करते हुए आज इस मुकाम पर पहुंचने वाले शख्स का नाम है हंसराज चौधरी (Hansraj Chaudhary)

कहते है अगर मन में समाज और गरीबों के लिए कुछ करने की इच्छा हो तो उम्र और संसांधनों की कमी भी बुलंद हौसलों के आगे टिक नहीं पाती है । रसायनो के बढ़ते प्रभाव और प्रदुषण के कारण आजकल कई असाध्य बीमारियां जन्म ले रही है तथा घर-घर में अपना बसेरा बना रही है ।

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कैंसर का इलाज बहुत ही महंगा होने के साथ ही पूरी तरह से रोगी स्वस्थ हो जाये इसकी कोई गारंटी नहीं है । गरीब और मजदूर वर्ग के लिए कैंसर का सीधा मतलब मौत को गले लगाना जैसा है क्योंकि इस महंगे इलाज के लिए न तो इनके पास पैसे होते है और न ही जानकारी होती है । इसी समस्या को दूर करने के लिए विभिन्न समाजसेवी संघठनों के द्वारा कैंसर का मुफ्त इलाज करवाने की कोशिश की जा रही है ।

राजस्थान के भीलवाड़ा जिले रायला क़स्बे के हंसराज चौधरी ने अपने क्षेत्र में गरीबों का निशुल्क इलाज करके एक मिसाल कायम कर रहे है । इन्होने आयुर्वेद के माध्यम से कई कैंसर रोगियों का सफल इलाज किया है और अभी भी इस पुण्य कार्य में लगे हुए है ।

कृषि विभाग से रिटायर्ड हंसराज चौधरी की शुरू से ही आयुर्वेद में रूचि थी और अपने खेत पर विभिन्न प्रकार की आयुर्वेदिक औषधियों को उगाते और उनसे गरीबों का इलाज किया करते थे ।

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2013 में हुई उत्तराखंड त्रासदी ने चौधरी को अंदर से हिला दिया और उन्होंने गरीबों की सेवा करने के लिए अपनी सरकारी नौकरी से ऐच्छिक सेवानिवृति ले ली। किसान परिवार में जन्मे और संघर्ष के बाद राजकीय सेवा में जाने वाले चौधरी ने अपनी ज़िन्दगी गरीबों की सेवा में समर्पित करने का प्रण लिया और उन्होंने अपने गांव में ही नवग्रह आश्रम नाम से एक संस्था शुरू की जो आज आयुर्वेद इलाज का बड़ा केंद्र बन गयी है ।

सेवानिवृति के बाद चौधरी ने बकायदा आयुर्वेद एवं पंचकर्म को गहराई से जानने के लिए डिप्लोमा कोर्स किया तथा देशभर के आयुर्वेदिक केंद्रों एवं जंगलों का भ्रमण कर औषधीय पौधों का संग्रहण करना शुरू कर दिया । उसके साथ ही विभिन्न आयुर्वेदिक उपचार प्रणाली का गहराई से एक्सपर्ट के सान्निध्य में अध्ययन किया ।

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विगत तीन वर्षों से नवग्रह आश्रम में पहुंचने वाले रोगियों की सेवा कर रहे है। कैंसर के साथ ही अन्य रोगों का भी इलाज यहाँ पर आयुर्वेदिक पद्धति से किया जाता है । वो रोगियों के न केवल इलाज करते है बल्कि उनके साथ आने वाले रिश्तेदारों के खाने-पीने का प्रबंध भी अपने खर्चे से  प्रदान करवाते है ।

नवग्रह आश्रम (Navgrah Aashram) की स्थापना एक हर्बल गार्डन को ध्यान में रखकर की गयी जिसमे सभी महत्वपूर्ण औषधीय पौधे उगा सके । आज इस आश्रम में 350 से भी ज्यादा तरह के औषधीय पौधे उपलब्ध है । एक छत के नीचे इतनी तादाद में औषधीय पौधों का होना चौधरी  के ढृढ़ संकल्प  का फल है ।

प्रत्येक रविवार यहां मेले सा माहौल लगा रहता है । कोने कोने से हजारों लाखों लोग आश्रम की औषधियों का लाभ ले चुके हैं भारत ही नहीं नेपाल , श्रीलंका , अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया से रोगी यहां परामर्श एवं उपचार हेतु आते हैं । आयुर्वेद के कई प्रोफेसर , शोध हेतु छात्र-छात्राएं , डॉक्टर फिजियोथैरेपिस्ट यहां रिसर्च के लिए आते हैं । आश्रम का विशेष आकर्षण पुस्तकालय है जहां 200 से अधिक पुस्तकें और 100 से अधिक आयुर्वेदिक ग्रंथ सम्मिलित है ।

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आश्रम के संचालक वैद्य हंसराज चौधरी ने आयुर्वेद ज्ञान को आगे बढ़ाने के लिए आश्रम में गुरुकुल की स्थापना की है जहां आठ शिष्य अध्यनरत है ।आश्रम में 9 ग्रह 12 राशि और 27 नक्षत्रों के पेड़-पौधे इस आश्रम की दुर्लभ विशेषता है । आश्रम की ख्याति भारत ही नहीं अपितु विदेशों में भी फैली हुई है ।

50 प्रकार के अति दुर्लभ औषधीय पौधे हैं जो विलुप्त के कगार पर हैं , जिनकी सहायता से कैंसर , मिर्गी , डिप्रेशन , लकवा , का निःशुल्क ईलाज किया जाता है इसके अलावा घठिया ,साइटिका , कब्ज , गैस , रक्त शोधन , चर्म रोग , थाईराइड , शुगर , मस्सा , एलर्जी , दमा , किडनी , पैरालाइसिस , उल्टी-दस्त जैसी अनेक बीमारियों का इलाज आयुर्वेदिक पद्धति से किया जाता है ।

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केंद्र सरकार के आयुष मंत्रालय ने इस वर्ष हंसराज चौधरी को रिसोर्स पर्सन नियुक्त किया है। जिनका प्रमुख काम कैंसर जैसी बीमारियों का वानस्पतिक पद्धति से उपचार करने के बारे में खोजबीन कर केंद्र सरकार को रिपोर्ट देना है। केंद्र सरकार ने चौधरी की सेवाएं वानस्पतिक विभाग में भी सदस्य के रूप में स्वीकार की है।

चौधरी का संकल्प है कि नवगृह आश्रम हर प्रकार के रोगों के उपचार का केंद्र बने। चौधरी किसी मरीज से कोई शुल्क नहीं लेते। फीस के बदले वे मरीजों उनके साथ आए परिजनों से कहते हैं कि जरूरतमंदों की सेवा करें।

हंसराज चौधरी एवं नवग्रह आश्रम से संपर्क करने के लिए मोबाइल नंबर (+91-7665555755) पर कॉल करे !

Be Positive हंसराज चौधरी के इस जज्बे को सलाम करता है और नवग्रह आश्रम की सफलता के लिए शुभकामनाए देता है ।

हंसराज चौधरी की सफलता का वीडियो देखने के लिए क्लिक करे !

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  1. यह एक यह एक बहुत ही अच्छी पहल है इसे पूरे देश में लागू करना चाहिए प्रचार प्रसार करना चाहिए तथा सरकार को भी इसमें पूरा योगदान देना चाहिए मैं बिहार का रहने वाला हूं मुझे आयुर्वेद में बहुत रुचि है मैं भी योग और आयुर्वेद को बढ़ाना चाहता हूं और नवग्रह आश्रम से शिक्षा दीक्षा लेना चाहता

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