2002 में गर्मी का समय चल रहा था और राजस्थान के कोटा शहर के लिए यह दिन बहुत उथल-पुथल वाला रहने वाला था क्योंकि कोटा जो मेडिकल और इंजीनियरिंग की तैयारी के लिए मशहूर एजुकेशन हब बन चूका था लेकिन अब भी उत्कृष्ट परिणाम का इंतजार कर रहा  था ।

दोपहर की गर्मी में बंसल क्लासेज ( IIT कोचिंग के लिए जाना पहचान नाम ) में सभी बेसब्री से IIT-JEE 2002 के परिणाम का इंतजार कर रहे थे, सभी छात्र एवं शिक्षक टकटकी लगाकर घड़ी की तरफ देख रहे थे । प्राथनाओं और ईश्वर को याद करने का दौर शुरू हो चूका था ।

शाम के 5 बजते ही परिणाम घोषित हुआ और बंसल क्लासेज ने एक बार फिर सफलता के नए आयाम स्थापित किये और लगभग 2000 के आसपास विद्यार्थी परीक्षा पास कर चुके थे लेकिन अब भी एक नाम को लेकर संशय था वो नाम था IIT-JEE 2002 टॉपर डूंगरा राम चौधरी का । बंसल क्लासेज को पूरी उम्मीद थी कि इस बार भी टॉपर उनके यही से निकलेगा लेकिन इस नाम से संशय पैदा हो गया ।

उस समय टेक्नोलॉजी और तकनीक का इतना प्रभाव नहीं था कि डेटाबेस से एक सर्च से सारा रिकॉर्ड खंगाला जा सके । बंसल क्लासेज ने अपने सभी टॉपर बैच कि पड़ताल की लेकिन यह नाम नहीं मिला तो उन्होंने मान लिया कि इस बार टॉपर कोई और जगह से बना । चारो तरफ अफवाहों का दौर गर्म हो गया क्योंकि अगर टॉपर बंसल क्लासेज या करियर पॉइंट और रेजोनेंस से नहीं बना तो फिर कहाँ से बना ।

शाम को 6 बजे के आसपास एक 18 वर्ष का विद्यार्थी बंसल क्लासेज के डायरेक्टर के पास जाता है और कहता है कि सर मेने IIT टॉप कर लिया है , उस वक्त तक उस विद्यार्थी को अपने बैच के अलावा कोई नहीं जानता था लेकिन अब तक वो एक स्टार बन चूका था , अगले दिन हर न्यूज़ पेपर में उसकी फोटो छपी और उसके नाम के फ्लेक्सीज पुरे कोटा शहर में छा चुके थे । बंसल क्लासेज ने एक बार फिर IIT-JEE की टॉप रैंक कब्जे में लेकर अपनी उपयोगिता साबित कर दी, वो विद्यार्थी था डूंगरा राम चौधरी ।

राजस्थान के जालोर जिले के एक गांव से आने वाले डूंगरा राम चौधरी ने अपनी मेहनत और लगन से देश के प्रतिष्ठित एग्जाम में टॉप किया। जालोर के किसान परिवार से आने वाले डूंगरा राम ने शुरुआती पढाई अपने गांव से करने के बाद जालोर शहर की तरफ आगे की पढाई के लिए रुख किया ।

12 वी पास करने के बाद IIT-JEE की तैयारी के लिए 1 साल का गैप लिया और पहुंच गए कोटा अपनी किस्मत आजमाने । एक सामान्य विद्यार्थी के रूप में साल भर पढाई करने वाले डूंगरा राम ने अपनी प्रतिभा का लोहा टॉपर बनकर मनवा लिया ।

IIT-JEE में टॉप करने के बाद डूंगरा राम ने IIT कानपूर में कंप्यूटर इंजीनियरिंग में दाखिला लिया और वहाँ पर भी अपने बैच के टॉपर रहे , हिंदी माध्यम से पढ़कर IIT टॉप करके IIT कानपूर जैसे प्रतिष्ठित संस्थान  में दाखिला लेना डूंगरा राम के लिए किसी सपने के सच होने जैसा है ।

इंजीनियरिंग के बाद डूंगरा राम ने AirTight Netorks नाम की कंपनी में अपना करियर शुरू किया और लगभग 2 वर्ष वहां काम करने के बाद Oracle में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में पिछले 11 वर्ष से काम कर रहे है । Oracle में वो आधुनिक तकनीक जैसे क्लाउड कंप्यूटिंग और क्लस्टरिंग जैसे प्लेटफार्म पर काम कर रहे है । वो अब तक 2 रिसर्च पेपर एवं एक पेटेंट पब्लिश कर चुके है और वर्तमान में कैलिफोर्निया में अपने परिवार के साथ रह रहे है ।

जालोर के छोटे से गांव से कैलिफोर्निया तक का सफर डूंगरा राम के लिए बहुत ही रोमांचक और संघर्षपूर्ण रहा है लेकिन डूंगरा राम ने अपनी लगन और मेहनत से हर बड़े लक्ष्य और मुसीबत को अपने सामने बौना साबित कर दिया है ।

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