तुम उठो , धरती उठे , नभ सिर उठाये,
तुम चलों गति मे, कि नई शांति गुनगुनाये।
विपथ होकर कभी पीछे ना मुड़ना मित्र,
प्रगति के पथ पर सदा अपनी राह बनाये ।।

ये पंक्तियाँ राजस्थान के कोटा शहर की एक समाजसेविका पर सटीक बैठती हैं। डॉक्टर बनने का सपना था, मेडिकल की पढाई नहीं कर पाई तो पीएचडी करके नाम के आगे डॉक्टर लगा लिया। ‘एक घंटा समाज के लिए‘ से शुरू हुआ उनका सफर एक संस्था का रूप ले चूका हैं जिसके जरिये वो पर्यावरण, महिला सशक्तिकरण, कोचिंग करने वाले विद्यार्थियों की काउन्सलिंग, स्वास्थ्य एवं शिक्षा क्षेत्र में काम कर रही हैं। अब तक सैंकड़ों बच्चों को तनाव और अवसाद से बाहर निकाल चुकी हैं। देश एवं विदेश के कई मंचो पर राजस्थान और भारत का प्रतिनिधित्व किया। समाज निर्माण से देश निर्माण के लिए अपनी शक्ति एवं समय लगा रही हैं डॉ. निधि प्रजापति (Dr. Nidhi Prajapati)

राजस्थान के कोटा शहर से आने वाली डॉ निधि प्रजापति कई वर्षों से समाज कार्यों में लगी हुई हैं। सोसाइटी हैज ईव (SHE- Society Has Eve) इंटरनेशनल चैरिटेबल ट्रस्ट के जरिये महिलाओं और बालिकाओं के लिए विशेष रूप से रचनात्मक और विकासात्मक कार्य , हेल्थ और हाइजीन, शिक्षा, पर्यावरण, शांति और सद्भावना पर जमीनी स्तर पर काम कर रही हैं। आईआईटी एवं मेडिकल कोचिंग के लिए प्रसिद्ध कोटा में कोचिंग के लिए आ रहे बच्चों के तनाव और आत्महत्या को रोकने के लिए रिसर्च किया और इसी विषय में PHD की। इसके साथ ही कई संस्थानों के साथ मिलकर बच्चों को तनाव से बचाने के लिए काम कर रही हैं।

program by nidhi
डॉ निधि प्रजापति एक वर्कशॉप के दौरान

बी पॉजिटिव इंडिया से बातचीत के दौरान डॉ. निधि प्रजापति बताती हैं कि 2003 में पहली बार महात्मा गाँधी की जीवंत प्रतिलिपि डॉ. एस. एन. सुब्बाराव से मिली, जिन्होंने अपना जीवन बाल्यकाल से ही समाज को समर्पित किया हुआ है। इन्होने नारा दिया- ‘एक घंटा देह को, एक घंटा देश को’ और उनके देश के प्रति जोश, त्याग, समर्पण और जस्बे को देखकर तभी से समाज सेवा करने का प्रण ले लिया ।

उन्हीं की प्रेरणा से प्रतिदिन कम से कम एक घण्टा समाज सेवा के रुप मे देश सेवा हेतु समर्पण के भाव से व्यतीत करती हूँ। प्रारंभ में समाज सेवा के क्षेत्र में परेशानियाँ आई पर अपने अटूट संकल्प के साथ इस संसार मे बनी रही और कुछ विरोध के बाद मेरी जिद के आगे सभी विरोधियों ने आत्मसमर्पण कर दिया और उसके बाद मुझे समाज सेवा के कार्यो को नही रोका।

प्रारंभ में सभी कार्य खुद की मासिक तनख्वाह से करती थी। बाद में जैसे-जैसे लोगों को कार्यों की आवश्यकता और उद्देश्यों का पता लगा आगे होकर आर्थिक सहायता के लिए प्रस्ताव आने लगे। इसी के साथ सोसाइटी हैज ईव इंटरनेशनल चैरिटेबल ट्रस्ट की स्थापना हुई। आज 50 सदस्यों की टीम के साथ कोटा में सामाजिक सरोकार के कार्य में संलग्न हूँ। समाज में मुझे महिलाओं की हेल्थ और हाइजीन, शिक्षा, पर्यावरण, शांति और सद्भावना पर कुछ अलग हट कर जमीनी काम करना था।

nidhi with kids
बच्चों के साथ निधि प्रजापति

अपने शुरुआती संघर्ष के बारे में डॉ. निधि प्रजापति बताती हैं कि माता पिता ने शिक्षा प्राप्त करने का मेरे भाईयों के समान अवसर दिया। 11वीं में शिक्षा के साथ साथ ही मेहँदी लगाने का कार्य भी प्रारंभ किया जिससे कुछ अर्निंग हो जाती थी। शिक्षा में स्नातक के बाद ही समाज के लिए कुछ अलग करने की चाह और एक CBSE स्कूल में आदर्श शिक्षक बनने का सपना देख लिया

बीएड करने के बाद अपना व्यावसायिक जीवन 2008 में एक शिक्षिका के रूप में प्रारंभ किया । हिन्दी माध्यम के सरकारी विद्यालय से पढ़ी लिखी होने के कारण प्रारंभ में कुछ परेशानियाँ आई लेकिन सपने के अनुरूप पहली नौकरी CBSE स्कूल में 2250 रूपये की मिल गई

तत्पश्चात 2011 एम.एड.(M.Ed.) करने की इच्छा व्यक्त की परन्तु माता-पिता की आर्थिक स्थिति सही नहीं थी इसलिए कोटा से 86 किलोमीटर दूर झालावाड़ में एक निजी विद्यालय में जॉब की जिसमें प्रतिदिन बिना टिफ़िन लिए घर से निकली । तब से शिक्षण का कार्य करते हुए वर्ष 2013 में कोटा के प्रतिष्ठित CBSE स्कूल प्राचार्य के पद पर भी कार्य किया ।

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एक इवेंट के दौरान डॉ निधि प्रजापति

मैं डॉक्टर बनना चाहती थी पर घर की आर्थिक स्थिति के कारण ऐसा हो न सका । इसीलिए 11वीं कक्षा से सपना देख लिया था एक दिन नाम के आगे डॉक्टर शब्द जरुर लगाना है और इसी सपने को पूरा करने के लिए 2013 पीएचडी की प्रवेश परीक्षा दी और चयन हो गया ।

अब तक 18 नेशनल, इंटरनेशनल कोन्फेरेंस और सेमिनार में अपनी प्रस्तुति 10 शोध पत्रों के प्रकाशन के साथ दे चुकी है । शोध पत्र भी विशेष रूप से आज की आवश्यकता के अनुरूप ई लर्निंग, लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम, रिकॉर्ड मैनेजमेंट सिस्टम, ओपन एजुकेशल रिसोर्सेस, मोडल्स, टेबलेट एजुकेशन, पर्यावरण शिक्षा, विद्यार्थियों में तनाव आदि विषयों पर लिखे ।

कोटा की ज्वलंत समस्या कोचिंग छात्रों द्वारा की जाने वाली आत्महत्याओं और तनाव पर शोध पत्र यूनेस्को के अन्तराष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित हुआ हैपीएचडी के साथ ही बीएड, एमएड, डीसीए, इतिहास, शिक्षा, सोशल वर्क, निर्देशन व परामर्श एवं गाँधीवादी विचारधारा व शांति विषयों मे स्नातकौत्तर किया है।

nidhi with students
विद्यार्थियों के साथ डॉ निधि प्रजापति

डॉ निधि प्रजापति ने काउन्सलिंग का काम भी शुरू किया हैं। पिछले दो वर्षों से व्यक्तिगत कॉल, बैठकों और सत्रों के माध्यम से कोचिंग छात्रों को परामर्श देने में संलग्न है। दैनिक भास्कर के लाइव पॉजिटिव अभियान के मुख्य रिसोर्स व्यक्ति के रूप में अपनी सेवायें दे रही है हूं जो विशेष रूप से कोचिंग और 8 से 12 तक विद्यालयों में चलता है । अब तक 50 सत्र आयोजित किए गए हैं।

इसके साथ ही अंतर्राष्ट्रीय युवा, शांति एवं सद्भावना शिविर का कोटा में आयोजन, ग्रामीण क्षेत्रों के शिक्षा से वंचित बच्चों के लिए 1 जनवरी 2018 से संसाधन युक्त शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से स्टेशनरी बैंक की शुरूआत की। वर्ष 2018 में शिक्षा बंधन प्रोजेक्ट की शुरुआत की जिसके अंतर्गत 40 बालिकाओं को प्राइवेट और सरकारी विद्यालय में शिक्षा दी जा रही है । कार्यशालाओं, व्यक्तिगत कॉल, बैठकों और सत्रों के माध्यम से कोचिंग छात्रों को परामर्श। “गुड टच, बेड टच” पर सेमिनार और कार्यशालाओं का आयोजन. वर्ष 2019 में 100000 पोस्टर बाटने का लक्ष्य और पोस्टर का चीफ मिनिस्टर अशोक गहलोत द्वारा उद्घाटन किया गया।

awareness program by dr Nidhi Prajapati
बच्चों के लिए अवेयरनेस प्रोग्राम करती डॉ निधि प्रजापति

इसके साथ रक्तदान, पर्यावरणीय कार्यक्रम, वृक्षारोपण, SVEEP (चुनाव अभियान) जागरूकता कार्यक्रम । विशेष परियोजना जैसे विवाह, वर्षगांठ, जन्मदिन, सेवानिवृत्ति आदि पर एक पेड़ देने की पहल । नियमित रूप से जागरूकता कार्यक्रमों और प्रतियोगिताओं का आयोजन करना जैसे- विरासत चलना, वाद-विवाद, गायन, नृत्य, भाषण, एक्सटेम्पोर, रंगोली, पोस्टर, कविता आदि और नृत्य, नाटक, संगीत, कला के लिए कार्यशालाएं ।

कन्या भ्रूण को बचाने / प्यार करने के लिए जागरूकता कार्यक्रम। माहवारी स्वच्छता कार्यशालाएं और जागरूकता कार्यक्रम स्कूलों और कॉलेजों में आयोजित करना इसके अंतर्गत अब तक 23700 महिलाओं को इस संवेदनशील मुद्दे के लिए शिक्षित किया जा चुका है ।

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लड़कियों को पैड और माहवारी के बारे में जागरूक करती डॉ निधि प्रजापति

दलित / गड़रिया-लुहार बच्चों के लिए रामगंजमंडी और कोटा में दो विद्यालयों ‘विद्या निधि शाला’ की शुरुआत की और प्राथमिक शिक्षा के बाद 65 छात्रों ने उन्हें सरकार में दाखिला दिलाया । अनंतपुरा स्मृति वन में 10000 पौधों की देखरेख का लक्ष्य। धनराशि एकत्र करना और एचआईवी पॉजिटिव बच्चों को वित्तीय मदद प्रदान करना 2014 से वंचितों को शिक्षा । जनवरी, 2015 से व्यक्तित्व विकास कक्षाओं और कंप्यूटर प्रशिक्षण के माध्यम से महिलाओं और लड़कियों का कौशल विकास ।

दुनिया में शांति और सद्भाव बनाए रखने के लिए गांधी के 11 वारों पर स्कूलों, कॉलेजों और एनवाईकेएस और एनवाईपी के विशेष शिविरों में कक्षाएं लेना । कोटा, जिले में बोरखंडी और कर्णेश्वर महादेव मंदिर क्षेत्र में कलाम वाटिका के रूप में 3 भूमि क्षेत्रों का विकास करना । वैलेंटाइन डे पर 2018 पर कन्या भ्रूण को बचाने के लिए और 2019 लव मदर अर्थ के लिए किशोर सागर तालाब के नॉन व्हीकल जोन पर 25 ‘X 25’ की रंगोली बनाई जिसे 50 हजार से अधिक लोगों द्वारा देखा गया ।

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डांस परफॉरमेंस देती डॉ निधि प्रजापति

डॉ निधि प्रजापति ने कई मंचो से देश एवं राज्य का प्रतिनिधित्व किया हैं जिनमें भारत सरकार से ओर गए भारतीय प्रतिनिधिमंडल में मालदीव, श्रीलंका, भूटान, नेपाल और बांग्लादेश में राजस्थान का प्रतिनिधित्व करते हुए महिला सशक्तिकरण, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यावरण, एड्स, शांति व सद्भावना एवं सांस्कृतिक संरक्षण हेतु किये गए विभिन्न सामाजिक कार्यों के आधार पर और लोक नृत्य जिनमें घूमर, चरी, तहरातली, कालबेलियाँ, गोरबंद की प्रस्तुति दी.

2013 में 4 देशों के 350 युवाओं का इंटरनेशनल यूथ पीस एवं हार्मनी कैंप लगाया, कोटा की पहली महिला नेशनल यूथ अवार्डी पूरे देश में पहले नंबर पर बनी, कोटा की पहली युवा बनी जिसने विश्व की सबसे लम्बी रेल यात्रा “जाग्रति यात्रा” में राजस्थान का प्रतिनिधित्व किया।

Nidhi Awards
अवार्ड ग्रहण करती डॉ निधि प्रजापति

डॉ निधि प्रजापति को कई मंचो से सम्मानित किया जा चूका हैं जिनमें नेशनल यूथ अवार्ड-2016 , राष्ट्रीय गौरव पुरस्कार-2018 , हरियाणा में यंग इंडिया ऑर्गनाइजेशन द्वारा “हिन्दुस्थान गौरव अवार्ड-2018” , फर्स्ट इंडिया न्यूज चैनल और सेव द चाइल्ड द्वारा जयपुर में वुमन ऑफ़ द फ्यूचर अवार्ड- 2018 , इंटरनेशनल एजुकेशनल एसोसिएशन द्वारा “भारत एक्सीलेंस अवार्ड – 2018” , एस.एन. सुब्बाराव ट्रस्ट द्वारा डॉ. एस. एन. सुब्बाराव राष्ट्रीय पुरस्कार के साथ ही कई पुरुस्कार शामिल हैं।

अगर आप भी डॉ निधि प्रजापति से जुड़ना चाहते हैं तो यहाँ क्लिक करे !

बी पॉजिटिव इंडिया, डॉ निधि प्रजापति और सोसाइटी हैज ईव इंटरनेशनल ट्रस्ट की टीम के कार्यों की सराहना करता हैं और उम्मीद करता हैं कि आप से प्रेरणा लेकर समाज निर्माण में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी।

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