हंसना पुण्य का काम है लेकिन हँसाना महापुण्य का काम है

आधुनिक दौर की आपाधापी भरी ज़िन्दगी में लोगों ने हंसना बंद कर दिया. दौड़भाग और सपनों को पूरा करने के चक्कर में तनाव को अपना साथी बना लिया है. इसी दौड़ और नेगेटिव दौर में उम्मीद की किरण बनकर सामने आये है डॉ हरीश रावत (Dr Harish Rawat).

हंसी को जीवन जीने की कुंजी बताने वाले हरीश अपने लाफ्टर योग (Laughter Yoga) के जरिये समाज में हंसी को वापस से मुख्यधारा में लाने का प्रयास कर रहे है. लोगो को तनाव और डिप्रेशन से बाहर निकालकर जीवन में ताज़गी भरने का काम कर रहे है.

डॉ हरीश रावत पिछले कई वर्षों से हंसी और योग का तालमेल बिठाया है जो लोगो की ज़िन्दगी में खुशियाँ बिखेर रहा हैं. भले ही देश में बड़ा तबका डिप्रेशन और तनाव के दौर से गुजर रहा है लेकिन हरीश रावत हंसी और योग की जुगलबंदी से हिंदुस्तान को तनाव मुक्त बनाने लगे हुए है.

laughter yoga for poor kids
स्लम्स के बच्चों को लाफ्टर योग सींखाते है डॉ हरीश रावत

डॉ हरीश रावत ने लॉट्स ऑफ़ लाफ्टर योग (Lot’s of Laughter Yoga) संस्थान की स्थापना की है जिसके जरिये लोगों को लॉफ्टर योगा की क्लास देते हैं. जिंदगी में खुश और सेहतमंद रहना सिखाते हैं. हंसी के जरिए उल्लास फैलाने से ही वतन और विश्व में शांति स्थापित करने के प्रयास में लगे हुए है.

बी पॉजिटिव इंडिया से खास बातचीत में हरीश रावत बताते है कि हम लाफ्टर योग के जरिये लोगो के जीवन में खुशियाँ बिखरने की कोशिश कर रहे है. अगर इंसान का मूड अच्छा हो और वो खुल के हँसे तो उसके जीवन में कई सकारात्मक बदलाव देखने को मिलते है.

खुले दिल से हंसने से हमारे मस्तिष्क में एंडोरफिन नामक रसायन उत्पन्न होता हैं जो मानसिक स्वास्थ्य के साथ ही कई बीमारियों को कम करता है. इससे मूड अच्छा होता है जिसके चलते उस मनुष्य के आसपास पूरा वातावरण पॉजिटिव एनर्जी से भर जाता है.

डॉ हरीश रावत बताते है कि लाफ्टर योग के सेशन हम कई स्कूलों के साथ ही स्लम्स में ही करते है. जिससे समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति को भी अपने जीवन का मूल्य समझ में आये. इसके साथ ही कॉर्पोरेट्स के साथ भी नियमित सेशन करते है जिससे उनके कर्मचारियों की प्रोडक्टविटी बढ़ती है.

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वर्ल्ड रिकार्ड्स सर्टिफिकेट के साथ डॉ हरीश रावत

डॉ हरीश रावत और उनकी टीम का नाम गिनीज बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकार्ड्स के साथ ही लिम्का बुक ऑफ़ रिकार्ड्स में दर्ज है. डॉ हरीश रावत ने लांगेस्ट लॉफ्टर योग मैराथन में 30 जून सुबह 9.35 मिनट से 1 जुलाई शाम 9.37 तक यानि 36 घंटे लगातार बिना रुके हंसने का अद्वितीय कारनामा कर वर्ल्ड रिकार्ड बनाया है. इससे पहले ये रिकार्ड दो इटालियन भाइयों के नाम था, जिन्होंने 24 घंटे 13 मिनट तक लगातार हंसने का रिकार्ड कायम किया था. उन्होंने यह रिकॉर्ड अपने 6 सदस्यों की टीम के सहयोग से किया.

डॉ हरीश रावत एक प्रमाणित लॉफ्टर योगा कोच हैं और बताते है कि लाफ्टर योगा में शरीर के आंतरिक हास्य को बाहर निकालना सिखाया जाता है, जिससे शरीर सेहतमंद होता है.

शुरुआत में नकली हंसी के साथ शुरू होने वाली यह क्रिया धीरे-धीरे हमारे व्यक्तित्व का हिस्सा बन जाती है और हम बिना किसी कोशिश के हंसने लगते हैं. इसी के साथ हमारे जीवन और शरीर में बदलाव शुरू हो जाते है. हर व्यक्ति की हर रोज़ कम से कम 15-20 मिनिट लाफ्टर योग करना चाहिए.

डॉ हरीश रावत कहते है कि मेरा जन्म दिल्ली में एक सामान्य परिवार में हुआ. पढ़ने में ठीक था लेकिन ज्यादा होशियार भी नहीं था. देहरादून से फार्मेसी में ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएट किया. इसके बाद अल्टरनेटिव मेडिसिन में पीएचडी की. इसके बाद टाटा कंसल्टेन्सी सर्विसेज (TCS) के हेल्थकेयर डिपार्टमेंट में काम कर रहा हूँ.

laughter yoga session
लाफ्टर योग सेशन के दौरान डॉ हरीश रावत

मै खुद भी डिप्रेशन और तनाव के दौर से गुजरा हूँ. इसके बाद में ‘आर्ट ऑफ़ लिविंग (Art of Living)‘ के जरिये मैंने अपने बुरे समय से निकलने में सफलता हासिल की. इसके बाद मैंने आर्ट ऑफ़ लिविंग के ध्यान, योग एवं जीवनशैली पर सारे कोर्स किये. इसके बाद लोगो को ट्रेनिंग देने के लिए टीचर ट्रेनिंग कोर्स भी किया. धूम्रपान को योग एवं ध्यान के जरिये छुड़ाने के लिए रिसर्च पेपर भी पब्लिश किया.

इसके बाद 2016 में यूट्यूब के एक वीडियो ने मुझे नया काम करने की प्रेरणा दी. वो वीडियो बड़ा हास्यास्पद था और यही से मैंने इसे योग के साथ जोड़ने का मन बनाया. इसके बाद मैंने हास्य और योग को मिलाकर सेशन देने शुरू किये. शुरुआत में सब लोगो को मज़ाक लगता था लेकिन उसके बहुत अच्छे परिणाम मिलने के बाद लोग जुड़ने लगे. स्लम्स के बच्चो से लेकर स्कूल, कॉलेज एवं कॉर्पोरेट्स में सेशन आयोजित करते है और एक ही मिशन है कि हंसना जरूरी है.

डॉ हरीश रावत कहते है कि प्रतिस्पर्धा के दौर में लोगों ने हंसना छोड़ दिया है. मशीन की तरह काम कर रहे है लेकिन हर समय तनाव में डूबे हुए पाए जाते है. हंसी के जरिये लोग अपना गुस्सा छोड़कर शांति की तरफ खींचे चले आते है.

Dr harish rawat sessions
लाफ्टर योग सेशन की कुछ झलकियां

डॉ हरीश रावत ने सकारात्मक पहल करते हुए परीक्षा और रिजल्ट के समय सोशल मीडिया के जरिये बच्चों से बात करना शुरू किया. जो भी बच्चा परीक्षा व उसके परिणाम को लेकर चिंतित होता है तो वो उन्हें कॉल कर सकता है.

हरीश बताते है कि सोशल मीडिया पर दिखावे के चलते बच्चों के साथ उनके माता-पिता भी डिप्रेशन में आ जाते है. लोग अपने बेटे या बेटी के 90% मार्क्स आने पर सोशल मीडिया पर शेखी बघारते है. मीडिया और सोशल मीडिया पर टॉपर्स के महिमा-मंडन से बाकी बच्चे तनाव में चले जाते है और उन पर अच्छा प्रदर्शन करने का दबाव बढ़ जाता है. जब वो अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाते है तो आत्महत्या जैसे कदम तक उठाते है. इसलिए बच्चों के साथ-साथ उनके माता-पिता की भी कॉउंसलिंग करवानी चाहिए.

अगर आप भी डॉ हरीश रावत और ‘लोट ऑफ़ लाफ्टर योग‘ से जुड़ना चाहते है तो उनके फेसबुक पेज पर संपर्क करे !

डॉ हरीश रावत के लाफ्टर योग सेशन के वीडियोज यूट्यूब पर देखने के लिए यहाँ क्लिक करे !

बी पॉजिटिव इंडिया, डॉ हरीश रावत के समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के प्रयासों की सराहना करता है और उम्मीद करता हैं कि लाफ्टर योग के जरिये लोगो के जीवन में बदलाव आएंगे.

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