एक सामान्य परिवार से निकले इस शख्स ने कड़ी मेहनत से IAS की परीक्षा पास की. राजस्थान कैडर में काम करते हुए कई जिलों के कलेक्टर रहे. प्रशासन का लम्बा अनुभव रखने वाले सुनील अरोड़ा (Sunil Arora) को देश का मुख्य चुनाव आयुक्त बनाया गया है.

बने देश के 23वें मुख्य निर्वाचन आयुक्त . .

सुनील अरोड़ा ने 2 दिसंबर 2018 को निर्वाचन आयोग के 23वें मुख्य निर्वाचन आयुक्त का पदभार संभाल लिया है. उन्हें राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने नियुक्त किया है. अरोड़ा ने ओपी रावत की जगह ये पद ग्रहण किया है, बता दें कि अरोड़ा की नियुक्ति 31 अगस्त 2017 को हुई थी.

सूचना और प्रसारण मंत्रालय के सचिव रह चुके सुनील अरोड़ा राजस्थान कैडर के 1980 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के सेवानिवृत्त अधिकारी हैं.

करवाएंगे 2019 का लोकसभा चुनाव . .

अब उन्हीं की देखरेख में 2019 का लोकसभा चुनाव होगा. अगले साल लोकसभा चुनाव के साथ-साथ जम्मू एवं कश्मीर, ओडिशा, महाराष्ट्र, हरियाणा, आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम में भी विधानसभा चुनाव होने हैं. जिसकी पूरी जिम्मेदारी चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा की होगी.

सुनील अरोड़ा के मुख्य चुनाव आयुक्त बनने के बाद अब दो राज्य बचे हैं जहां मतदान होने हैं. ये दो राज्य हैं तेलंगाना और राजस्थान। पांच राज्यों में हुए चुनावों के परिणाम 11 दिसंबर के आएंगे.

सामान्य परिवार से निकल बनाई अलग पहचान . .

सुनील अरोड़ा एक पढ़े लिखे सामान्य परिवार से आते हैं। वह मूल रूप से पंजाब के होशियारपुर के रहने वाले हैं. उन्होंने वहीं से अपनी पढ़ाई पूरी की है. होशियारपुर में जन्मे और पले बढ़े अरोड़ा के पिता नसीब चंद अरोड़ा जालंधर में भारतीय रेलवे में अकाउंट्स अधिकारी थे और उनकी माता पुष्पलता होशियारपुर के डीएवी कॉलेज में इंग्लिश की प्रोफेसर थीं.

अरोड़ा ने अपनी स्कूलिंग होशियारपुर के विद्या मंदिर स्कूल और दयानंद मॉडल स्कूल से की और उसके बाद डीएवी से  पास की. इसके बाद सुनील अरोड़ा ने डीएवी कॉलेज होशियारपुर से अपनी ग्रेजुएशन की.

इसके बाद पंजाब यूनिवर्सिटी से अंग्रेजी से एमए करने के बाद सुनील यूनिवर्सिटी में अंग्रेजी पढ़ाने लगे. लेकिन पढ़ाई से उनका विशेष लगाव था. जिसकी वजह से उन्होंने पढ़ाई नहीं छोड़ी और प्रतियोगिता परीक्षाओं में शामिल होते रहे और 1980 में वह आईएएस बने.

सुनील अरोड़ा के दो भाई हैं। उनके एक भाई संजीव अरोड़ा हरियाणा कैडर के आईएएस अधिकारी हैं तथा दूसरे भाई राजीव अरोड़ा आईएफएस अधिकारी हैं.

सरकारी कामकाज का लंबा अनुभव . .

प्रशासन की गहरी समझ रखने वाले सुनील अरोड़ा को समय-समय पर महत्वपूर्ण पद पर रहे. यही नहीं वह नागरिक विमानन मंत्रालय में भी लंबे समय तक संयुक्त सचिव के पद पर कार्यरत रहे हैं.

सुनील राजस्थान में लंबे समय तक रहे हैं. वह साल 1993-1998 के दौरान मुख्यमंत्री के सचिव पद पर नियुक्त रहे थे. साल 2005-2008 के दौरान अरोड़ा मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव रह चुके हैं.

सुनील अरोड़ा राजस्थान में अलवर, नागौर, धौलपुर और जोधपुर जैसे जिलों में तैनात रह चुके हैं. अरोड़ा वित्त, कपड़ा एवं आयोग जैसे मंत्रालयों एवं विभागों में भी विभिन्न पदों पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं.

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