एक कहावत है कि “सफल लोग कोई अलग कार्य नहीं करते है, वो केवल हर कार्य को अलग ढंग से करते है  ” , ये कहावत जितनी दमदार है उसे उतने ही शानदार ढंग से पालन किया है, अमुलिक सिंह ने । उन्होंने एक ऐसे क्षेत्र में अपना बिज़नेस आईडिया पेश किया है जिसके बिना भारत के लोग रह नहीं सकते है । जी हाँ , उन्होंने एक चाय की दुकान खोली और उसी से वो आज लाखों रुपये कमा रहे है । चाय बेचकर ही भारत के प्रधानमंत्री बनने वाले नरेंद्र मोदी को कौन नहीं जानता है और उसी चाय को बेच कर अमुलिक आज पुरे भारत में अपनी कंपनी को फैला रहे है ।

हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से पास आउट अमुलिक ने बिना कुछ देर किये चाय के क्षेत्र में अपना वेंचर स्थापित किया क्योंकि उन्हें इस क्षेत्र में कोई भी नजर नहीं आ रहा था । कॉफी के बाद अब चाय को भी मार्केट में अपना स्थान दिलाने में अमुलिक के आईडिया में बड़ा योगदान दिया है । सब लोग कॉफी शॉप के बारे में तो जानते थे लेकिन आम भारतीय आज भी कॉफी से ज्यादा चाय को चुनते है और अगर कम दाम में उत्तम गुणवत्ता वाली चाय मिल जाये तो सोने पर सुहागा हो जाता है । चाय पॉइंट ने इसी समस्या को हल किया और आज लगभग बीस तरह की चाय मिलती है और आप चाय घर पर आर्डर करके भी मंगवा सकते है ।

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अमुलिक बताते है कि ” भारत देश चाय पर चलता है ।” हम सभी जानते है कि भारत वासियों के लिए चाय का क्या महत्त्व है लेकिन पुरे देश में असंगठित रूप से चाय का व्यापर फैला हुआ है और चाय बनाने की प्रक्रिया में स्वच्छता और उत्तम गुणवत्ता की हमेशा कमी रही है , इसी समस्या पर मेरा ध्यान गया और हम चाहते थे कि लोगों के चाय के प्रति नजरिये को बदला जाये क्योंकि यहाँ पर सब एक कड़क एवं शानदार चाय पीना चाहते है ।

अपने इसी आईडिया को लेकर अमुलिक ने सन 2010 में चाय पॉइंट ब्रांड के नाम से बैंगलोर में अपनी पहली दुकान खोली और आज सात साल के बाद केवल बैंगलोर और नयी दिल्ली में ही ४० से ज्यादा स्टोर्स है और अगले कुछ सालों में पंजाब, गुजरात और महाराष्ट्र में 50 से ज्यादा आउटलेट खोलने का प्लान है ।

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अमुलिक का जन्म जम्मू और कश्मीर में एक IPS अफसर के घर में हुआ था और उन्होंने पंजाब टेक्निकल यूनिवर्सिटी से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की पढाई की । पढाई के बाद उन्होंने कुछ समय के लिए माइक्रोसॉफ्ट में बतौर इंजीनियर नौकरी की और आगे की पढाई के लिए उन्होंने अमेरिका के प्रतिष्ठित हार्वर्ड कॉलेज को ज्वाइन किया और वहां पर उन्होंने MBA की पढाई पूरी की ।

MBA के बाद उनके पास दो विकल्प थे , पहला : अपनी MBA की पढाई के बाद एक बेहतरीन नौकरी का चयन कर सकते थे लेकिन अमुलिक ने दूसरा रास्ता चुना और उन्होंने अपना खुद का वेंचर स्थापित कर दिया । अमुलिक मानते है कि अपने आईडिया पर विश्वास होना बहुत जरूरी है और उसके बाद उसे सफल बनाने के लिए बढ़िया बिज़नेस प्लान होना चाहिए । किसी भी क्षेत्र में अपनी कंपनी या वेंचर स्थापित करने से पहले उस क्षेत्र की बारीक़ से बारीक़ जानकारी होनी चाहिए क्योंकि बिना रिसर्च किये गए काम में सफल होना बहुत मुश्किल होता है ।

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आज चाय पॉइंट के 94 से ज्यादा आउटलेट के साथ ही आप कॉल के माध्यम से चाय अपने घर पर मंगवा सकते है और कॉर्पोरेट और बिज़नेस के लिए BOXC नाम से चाय वेंडिंग मशीन उपलब्ध है जिससे औटोमटिक आप चाय एक click पर बना सकते है । इसके साथ ही चाय पॉइंट ने अमेज़न पर भी चाय-पत्ती एवं अन्य प्रोडक्ट्स बेचना शुरू कर दिया है । अमुलिक के दिमाग से निकल छोटा सा आईडिया आज एक बड़े बिज़नेस का रूप ले चूका है और सात साल पहले खोला गया स्टोर, आज एक बड़ा ब्रांड बन चूका है ।

600 से अधिक कर्मचारियों के साथ, आठ शहरों में 100 सेवा केन्द्रों में प्रति दिन 300,000 से अधिक कप सेवा ग्राहकों को परोस रहे हैं, वो रोज ग्राहकों के रोज़ चाय पिने के अनुभव को बेहतरीन बना रहे है । चाय पॉइंट हर तरह से चाहे वह तकनीक, आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन, डिजाइन या उत्पाद विकास हो, चाइ पॉइंट पर प्रत्येक कर्मचारी उत्कृष्ट कार्य करने में विश्वास रखता और वो इसी गुणवत्ता और वाजिब दाम को बनाया रखना जारी रख रहे है ।

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ऊपर से कंपनी का शुरुआती इन्‍वेस्‍टमेंट भी काफी कम था। लेकिन जैसे-जैसे कंपनी ने मार्केट में अपनी जगह बनाई, जैसे-जैसे कंपनी का रेवेन्‍यू बढ़ता गया, अनुभवी लोग भी कंपनी से जुड़ते गए। आज  चाय पॉइंट की मैनेजमेंट टीम में 10 साल तक एक्‍सपीरियंस वाले लोग भी हैं। हालांकि कंपनी का फोकस युवाओं पर है। इसलिए चाय पॉइंट में ज्‍यादातर इम्‍प्‍लॉई 25 से 33 साल उम्र वाले हैं।

Be Positive अमुलिक के संघर्ष और मेहनत को सलाम करता है और उम्मीद करता है कि आप ऐसे ही भारत के नौजवानो को प्रेरित करते रहेंगे ।

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