अगर इंसान के अंदर कड़ी मेहनत, सच्ची लगन, पक्का इरादा, ईमानदारी और दूरदृष्टि है तो वो कहीं भी, किसी भी जगह सफलता के परचम फहरा सकता है।

हम आपको एेसे ही एक सफल भारतीय का किस्सा बता रहे हैं जो रूस में विधायक बन गया। भारतीय मूल के एक बिहारी लड़के ने पिछले रूसी चुनावों के दौरान जीत हासिल की है।

कुर्स्क रुस का एक प्राचीन शहर है, जिसे आमतौर पर 1943 में एडोल्फ हिटलर की जर्मन सेना की हार के कारण याद रखा जाता है, लेकिन कुर्स्क का भारत के बिहार से भी खास नाता है। दरअसल कुर्स्क शहर के मौजूदा विधायक एक भारतीय हैं और उनका जन्म बिहार में हुआ है। ये शख्स हैं अभय कुमार सिंह (Abhay Kumar Singh) , जो कि रुस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की पार्टी यूनाइटेड रशिया पार्टी के विधायक हैं।

अभय कुमार सिंह ने प्रांतीय चुनाव में यूनाइटेड रशिया पार्टी के टिकट पर डेप्युटाट का चुनाव जीता था। डेप्युटाट भारत में विधायक के बराबर का दर्जा है। बता दें कि व्लादिमीर पुतिन की पार्टी यूनाइटेड रशिया पार्टी पिछले 18 सालों से रुस की सत्ता पर काबिज है।

अभय कुमार का जन्म बिहार के पटना में हुआ था। पटना के लोयोला हाईस्कूल से अपनी शुरुआती शिक्षा ग्रहण करने के बाद अभय कुमार सिंह मेडिसिन की पढ़ाई करने के लिए साल 1990 में रुस के कुर्स्क शहर चले गए थे। अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद अभय कुमार सिंह ने वापस पटना आकर अपनी मेडिकल की प्रैक्टिस शुरु कर दी, लेकिन स्थितियां कुछ ऐसी बनी कि अभय कुमार सिंह वापस कुर्स्क चले गए।

इसके बाद अभय ने कुर्स्क में फार्मास्यूटिकल बिजनेस की शुरुआत की। कुछ समय में ही पटना का यह शख्स कुर्स्क का एक जाना-पहचाना बिजनेसमैन बन गया। फार्मास्यूटिकल बिजनेस के साथ ही अभय कुमार सिंह ने रियल एस्टेट के बिजनेस में भी अपना हाथ आजमाया और यहां भी जबरदस्त सफलता हासिल की।अभय के पास रूस में कई शॉपिंग मॉल्स भी हैं। अभय ने अक्टूबर 2017 में व्लादिमीर पुतिन की पार्टी के उम्मीदवार के तौर पर कुर्स्क विधानसभा से चुनाव जीता था।

अभय बताते हैं कि शुरुआत में बिजनेस करने में खासी मुश्किल होती थी क्योंकि मैं गोरा भी नहीं था, लेकिन हमने भी तय कर रखा था और कड़ी मेहनत के साथ अड़े रहेंगे। धीरे-धीरे अभय के पैर रूस में जमते गए और व्यापार में भी बढ़ोत्तरी होती गई। रूसी राष्ट्रपति पुतिन से प्रभावित अभय को इस बात पर गर्व है कि भारतीय होने के बावजूद वे रूस में रम गए और अब वहां पर चुनाव भी जीत चुके हैं। अभय की आज भी कोशिश रहती है कि जब समय मिले तो बिहार जरूर आएं क्योंकि सभी मित्र और रिश्तेदार पटना में ही हैं।

अभय कुमार सिंह के फेसबुक अपडेट से पता चलता है कि साल 2015 में उनका राजनीति की तरफ झुकाव हुआ। बीते साल अप्रैल में अभय सिंह ने आधिकारिक रुप से यूनाइटेड रशिया पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली थी। इसके कुछ समय बाद ही वह कुर्स्क शहर के डेप्युटाट चुन लिए गए थे।

साल 2012 में अभय कुमार सिंह के शॉपिंग मॉल का उद्घाटन तत्कालीन भारतीय राजदूत अजय मल्होत्रा ने किया था। धीरे-धीरे अभय ने स्थानीय मुद्दों और लोगों पर ध्यान देना शुरु किया और फिर आधिकारिक रुप से राजनीति में प्रवेश कर लिया। इतने साल रुस में रहने के बावजूद अभय कुमार सिंह का भारत के प्रति प्यार जगजाहिर है। साल 2015 में अभय कुमार सिंह ने रुस के कुर्स्क शहर में इंटरनेशनल योगा डे का आयोजन भी किया था।

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