खुदी को कर इतना बुलंद की हर तकरीर से पहले खुदा पूछे की बन्दे तेरी रजा क्या हैं ..

यह पंक्तियाँ इस महिला पर सटीक बैठती हैं. आज वो सभी महिलाओं के लिए मिसाल बन गई हैं, 2 बच्चों की मां होते हुए ओपन एशियन चैंपियनशिप में वेटलिफ्टिंग में 4 गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिए हैं. 47 साल की उम्र में यह कारनामा करने वाली खिलाड़ी का नाम हैं भावना टोकेकर.

भावना ने रूस में आयोजित ‘ओपन एशियन पावरलिफ्टिंग चैम्पियनशिप ऑफ AWPC/ WPC में हिस्सा लिया था. जिसमे उन्होंने 4 गोल्ड मेडल जीत लिए हैं. 6 साल पहले 41 साल की उम्र में भावना ने ठान लिया था कि वह वेटलिफ्टिंग में अपना करियर बनाएगी. बढ़ती उम्र में इस तरह के फैसले लेना एक महिला के आसान नहीं होता है, लेकिन उन्होंने हिम्मत दिखाई और अपने सपने को जीना शुरू किया.

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अभ्यास करती हुई भावना टोककर | तस्वीर साभार : भावना टोककर की फेसबुक वाल से

उन्होंने त्वचा की सूजन से निपटने के लिए ली जाने वाली दवाओं के दुष्प्रभावों को कम करने के लिए जिम मे एक्सरसाइज करना शुरू किया. ट्रेनर्स की सलाह पर उन्होंने वेटलिफ्टिंग करना शुरू किया लेकिन यह खेल युवाओं के लिए ही माना जाता हैं लेकिन भावना ने कड़ी मेहनत से अवधारणाओं को तोड़ दिया.

भावना भारतीय वायु सेना के फाइटर पायलट जीपी कैप्टन एस टोकेकर की पत्नी हैं. हिंदुस्तान टाइम्स के अनुसार भावना ने बताया कि “मैंने 41 साल की उम्र में ट्रेनिंग लेनी शुरू कर दी थी. वहीं ट्रेनिंग वायु सेना की बॉडी बिल्डिंग टीम की गाइडेंस में होती थी. ताकि वह गलत तरीके से वजन उठाए. साथ ही वजन कम करने की गलत तकनीक नहीं चाहती थी.

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भावना टोककर | तस्वीर साभार : भावना टोककर की फेसबुक वाल से

आपको जानकार हैरानी होगी कि भावना एक गृहणी हैं और अपने परिवार का खयाल रखने में व्यस्त हैं. वेट लिफ्टिंग को लेकर उनका जुनून ऐसा था कि उन्होंने यूट्यूब वीडियो और अन्य वेबसाइटों के माध्यम से वजन उठाने के बारे में रिसर्च की और उनके बारे में जानकारी जुटाना शुरू कर दिया.

तैयारी पर भावना कहती है कि वेटलिफ्टिंग आसान नहीं थी, लेकिन जमकर मेहनत शुरू कर दी. बढ़ती उम्र के बाद शरीर कमजोर होने लगता है. ऐसे में उन्होंने शरीर की ताकत बढ़ाने के लिए काम शुरू किया. धीरे-धीरे ट्रेनिंग की आदत हो गयी हैं और अब उन्हें अभ्यास में आनंद आता हैं.

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अभ्यास करती हुई भावना टोककर | तस्वीर साभार : भावना टोककर की फेसबुक वाल से

भावना ने बताया कि वेटलिफ्टिंग को करियर के रूप में चुनने में मेरे परिवार वालों ने खूब मदद की. इस सफर में वह सब मेरी ताकत बने. पति भी मेरे साथ ट्रेनिंग करते थे.

भावना ने साबित कर दिया अगर पति, बच्चों और परिवार का साथ हो तो एक मां कुछ भी कर सकती है.

बी पॉजिटिव इंडिया, भावना टोकेकर की सफलता पर बधाई देता हैं और उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाए देता हैं.

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