आंधियों में भी दिवा का दीप जलना जिंदगी है,
पत्थरों को तोड़ निर्झर का निकलना जिंदगी है,
सोचता हूं मैं, किसी छाया तले विश्राम कर लूं,
किंतु कोई कह रहा, दिन-रात चलना जिंदगी है।

ईमानदार महिला आईएएस बी चंद्रकला (B Chandrakala IAS) अपने कुछ ही वर्षों के प्रशासनिक सफर में प्रसिद्ध हो चुकी है । सोशल मीडिया पर उनकी लोकप्रियता इस कदर है, कि उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के साथ ही कई राष्ट्रीय नेता भी पीछे छूट चुके हैं। उनके काम करने के तरीके से न केवल जनता, नेता बल्कि अपराधी भी खौफ खाते है।

बचपन में रही मेधावी और जल्द हो गयी थी शादी !

उनके कठिन जीवन संघर्षों का सफर बहुत ही मुश्किल रहा है, सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी के दौरान और उसके बाद की यात्रा उससे कुछ कम मुश्किलों भरी नहीं रही है।

तेलंगाना के करीमनगर जिले के गांव गरजाना पल्ली में अनुसूचित जनजाति परिवार में जन्मीं बी चंद्रकला छात्र जीवन से ही संघर्षशील और अत्यंत मेधावी रही हैं। घर-परिवार की विपरीत परिस्थितियों में उन्होंने केंद्रीय विद्यालय से बारहवीं की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद बीए करने के लिए कोटि वीमेंस कॉलेज में दाखिला लिया।

काम के दौरान IAS बी चन्द्रकला
काम के दौरान IAS बी चन्द्रकला

अभी सेकंड इयर चल ही रहा था कि परिवार वालों ने डिप्टी एग्ज़ीक्यूटिव इंजीनियर रामुलू से उनकी शादी रचा दी। चंद्रकला की नजर तो अपने मजबूत भविष्य पर टिकी थी, सो उन्होंने पढ़ाई नहीं रोकी। ग्रेजुएशन के लिए हैदराबाद के कोटि वुमन्स कॉलेज में एडमिशन लिया था।

शादी के बाद भी करती रही पढाई और एक बच्ची की माँ के रूप में बनी IAS

इस सपने में उनके पति का भी लगातार पूरा सहयोग मिलता गया। उन्होंने पत्राचार के माध्यम से अर्थशास्त्र में एमए उत्तीर्ण किया और सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी में जुट गईं। तब तक वो एक बच्ची का माँ बन चुकी थी. उनके परिवार में पति और बच्ची के अलावा दो भाई और एक बहन भी है। बिटिया की देखभाल का जिम्मा पति रामुलू पर छोड़ वह जीवन-संघर्ष में जुटी रहीं.

आखिरकार कड़ी मेंहनत रंग लाई और आंध्र प्रदेश लोक सेवा आयोग की परीक्षा में उन्हें पहला स्थान मिला। इतने पर भी चैन कहां, बी चंद्रकला भला इतने से ही कहां निश्चिंत थमने वाली थीं! मन में सपना तो आईएएस बनने का ठाने हुई थीं, जुटी रहीं किताबी मशक्कत में और अंततः एक दिन वह भी आ गया, जब अपनी चौथी बार की कोशिश में वह सिविल सेवा परीक्षा के 409वें रैंक के साथ 2008 बैच की यूपी कैडर की आईएएस चुन ली गईं।

ट्रेनिंग के बाद शुरू हुआ प्रशासनिक सफर

अप्रैल 2012 में उनको उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड इलाके में हमीरपुर जिले का डीएम तैनात कर दिया गया। यहां शुरू हुआ उनका वह जिंदगीनामा, जो उनके काम-काज के तौर-तरीकों से उत्तरोत्तर नजीर बनता चला गया। वर्ष 2014 में उन्हें जिलाधिकारी के रूप में मथुरा भेज दिया गया।

काम के दौरान IAS बी चन्द्रकला
काम के दौरान IAS बी चन्द्रकला

वहां महज 129 दिन रहीं और तबादला हो गया बुलंदशहर। हमीरपुर और मथुरा की तरह यहां भी उन्होंने भ्रष्टाचारियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। ठेकेदारों ही नहीं, भ्रष्ट अधिकारियों से भी उनका जबर्दस्त टकराव हो चला।

अपनी काम-काज की शैली से लोगों में बनाई अपनी पैठ

वर्ष 2015-16 में अपने बुलंदशहर के कार्यकाल के दौरान कुछ दिन तक उन्होंने पुलिस लाइन में एंटी-रॉइट ड्रिल में दंगा निरोधक हथियार चलाने का प्रशिक्षण लिया था। बीच-बीच में औचक मुआयनों पर भी जाती रहीं। कभी स्कूल पहुंचकर बच्चों के सामने टीचर की क्लास ली तो अपने दफ्तर के बरामदे में जनता दरबार लगाकर पीड़ितों, दुखियानों की आपबीती सुनने लगीं।

कहते हैं कि हमीरपुर की लड़कियां ही नहीं, प्रदेश के मीडिया वाले भी उन्हें ‘डीएम दीदी‘ कहने लगे। बताते हैं कि मथुरा से बुलंदशहर के लिए उनका तबादला हुआ था, इसके दो दिन पहले वह छुट्टी पर दुबई चली गई थीं। तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के आदेश पर उन्होंने दुबई में रहते हुए ही फैक्स-ईमेल पर बुलंदशहर डीएम का चार्ज लिया।

… और बुलंदशहर का वाकया

बी चंद्रकला पहली बार सुर्खियों में तब आईं थी जब उन्होंने बुलंदशहर में डीएम पद पर रहते हुए एक लोकल ठेकेदार और अफसरों को जमकर लताड़ लगाई थी जिसका वीडियो काफी वायरल हुआ था। दरअसल हुआ ये था कि बी चंद्रकला नगरपालिका के विकास कार्यों में व्‍याप्‍त भ्रष्‍टाचार और कमीशनखोरी की जांच कर रही थी।

चेकिंग के दौरान उन्‍होंने पाया कि निर्माण कार्य में घटिया ईंट, इंटरलॉकिंग टाइल्‍स और पुरानी गिट्टी का इस्‍तेमाल किया गया है। जिसे लेकर गुस्साई चंद्रकला ने अफसरों की सरेआम जमकर क्लास ली।

चंद्रकला ने अफसरों और ठेकेदार की खिचाईं करते हुए कहा कि शर्म करो, जनता का पैसा है। आपके घर का पैसा नहीं है। इस तरह चीट करते हैं आप लोग। तनख्वाह से पैसा कटवा दूंगी। सड़क बनती है और रातोंरात उखड़ जाती है। सब सामान वापस करो। मैं इस पूरे मामले की रिपोर्ट शासन को भेजूंगी।

केंद्र सरकार ने बुलाया प्रतिभाशाली अफसर को..

2018  में यूपी कैडर की चर्चित आईएएस ऑफिसर, बी चद्रंकला को केंद्रीय राज्य मंत्री, साध्वी निरंजन ज्योति का प्राइवेट सेक्रेटरी नियुक्त किया गया है। बी चंद्रकला इससे पहले पेयजल और स्‍वच्‍छता मंत्रालय में डिप्टी सेक्रेटरी के पद पर नियुक्त थीं।

इससे पूर्व यूपी के चार जिलों हमीरपुर, मथुरा, बुलंदशहर और मेरठ में प्रथम प्रशासक के रूप में जिस तरह भ्रष्टाचारी बड़े-बड़ों को धूल चटा चुकी हैं, आम लोगों की जहन से आज भी उनकी ‘लेडी सिंघम‘ की छवि मिटी नहीं है।

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