भारत में जब भी खेलों की बात होती हैं तो उसमे क्रिकेट मुख्य केंद्र में होता है और भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी हमेशा याद रखी जायेगी। इसका मुख्य कारण है मुश्किल परिस्थितियों में अपने धैर्य को बनाए रखना । इसी के चलते उनको कैप्टन कूल की उपाधि मिली हैं। स्पोर्ट्स लीग के दौर में कबड्डी ने भी अपनी पहुंच हर घर तक बना ली है और पांच सीजन तक एक टीम का नेतृत्व करने वाले एक कबड्डी प्लयेर को भी कैप्टन कूल के रूप में जाना जाता हैं।  इस खिलाड़ी का नाम है – अनूप कुमार ( Anup Kumar) ।

सीआरपीएफ में कॉन्स्टेबल के रूप में काम करने वाले अनूप कुमार ने अपने खेल से लगभग एक दशक से ज्यादा समय तक कबड्डी प्रेमियों के दिलों पर राज किया है। शारीरिक शक्ति प्रदर्शन वाले इस खेल में मानसिक रूप से जिसने अपना प्रभाव खेल पर छोड़ा वो हैं अनूप कुमार । अपने स्कूल के समय टाइम पास के लिए कबड्डी खेलने वाले इस खिलाड़ी ने कबड्डी में वो सब कुछ हासिल किया है जो आज हर युवा कबड्डी प्लयेर का सपना होता हैं।

20 नवंबर 1983 को हरियाणा के गुड़गांव जिले के पालरा गांव में जन्मे अनूप कुमार (Anup Kumar) ने शौकिया तौर पर स्कूल के दौरान कबड्डी खेलना शूरू किया था। शुरुआती दौर में उनके माता पिता उनके कबड्डी खेलने के खिलाफ थे लेकिन अनूप कुमार को कबड्डी में मज़ा आने लग गया। सत्रह वर्ष की उम्र में अनूप कुमार ने कबड्डी खेलना शुरु किया लेकिन उनके घर वाले चाहते थे कि वो अपनी पढ़ाई पर ध्यान दें।

इसी बीच 2005 में उनका सलेक्शन सीआरपीएफ में बतौर कॉन्स्टेबल हो गया। सीआरपीएफ में आने के बाद उन्हें देश के नामी गिरामी कबड्डी प्लेयर्स के साथ खेलने का मौका मिला और जल्द ही उन्हें नेशनल कबड्डी टीम का बुलावा आ गया। नेशनल टीम में आने के बाद उन्होंने विभिन्न प्रतियोगिताओं में अपने देश का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने सार्क गेम्स के साथ ही 2010 और 2014 में एशियन गेम्स में भी अपने देश को गोल्ड जिताने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

इसी बीच 2014 में प्रो कबड्डी लीग की शुरुआत हुई जिसमें वो सबसे महंगे खिलाड़ी बने और हर कबड्डी प्लयेर की तरह उनके भी कैरियर का टर्निंग पॉइंट बनी। यू मुंबा टीम ने उनको अपना कप्तान चुना और पहले सीजन में उनकी टीम उपविजेता रही। यह सीजन अनूप कुमार (Anup Kumar) ने लिए बहुत खास रही क्योंकि वो इस सीज़न के एमवीपी बने। इसी के साथ उन्होंने बेस्ट रेेडर का खिताब भी अपने नाम किया।

पहले सीजन में बेहतरीन प्रदर्शन के चलते अनूप कुमार रातो रात स्टार बन गए और हर घर में उनकी टीम और खुद की पहचान बन गई। क्रिकेट के बाद कबड्डी में किसी प्लयेर को इतनी शौहरत पहली बार मिली। इस सीजन में सफलता को अनूप और उनकी टीम ने जारी रखा और दूसरे सीजन में वो विजेता बन कर उभरे।

PKL में शानदार प्रदर्शन एवं नेतृत्व के बाद उन्हें 2016 कबड्डी विश्वकप की कप्तानी सौंपी गई और उन्होंने अपने देश को चैम्पियन बनवा कर हर दर्शक की उम्मीद पर अनूप कुमार खरे उतरे।  उनका शानदार प्रदर्शन लगातार तीसरे सीजन भी चलता रहा लेकिन फाइनल मैच में करीबी मुकाबले में पटना पायरेट्स ने उनकी टीम यू मुंबा को हरा दिया ।

अगले दो सीजन उनकी टीम के लिए खास नहीं रहे और वो खिताबी मुकाबले में अपनी जगह नहीं बना पाए । सबसे ज्यादा आश्चर्य तब हुआ जब छठे सीजन से पहले उनकी टीम यू मुंबा ने उनको रिलीज कर दिया। पांच साल तक यू मुंबा का चेहरा रहे अनूप कुमार , PKL सीजन छह में  बॉलीवुड स्टार अभिषेक बच्चन की टीम जयपुर पिंक पैंथर्स का नेतृत्व करेंगे।

अपने खेल से करोड़ों खेल प्रेमियों के दिलों पर राज करने वाले अनूप कुमार को कैप्टन कूल एवं बोनस किंग के नाम से भी जाना जाता हैं। अनूप कुमार (Anup Kumar) को देश का प्रतिष्ठित खेल पुरस्कार अर्जुन अवॉर्ड भी मिल चुका हैं। अपने कैरियर के सबसे शानदार दौर में भी उन्होंने अपने  सरल एवं सौम्य स्वभाव से दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई है।

Comments

comments