मेहनत इतनी ख़ामोशी से करो कि कामयाबी शोर मचा दे !

18 साल की लड़की के लिए यह पंक्तियाँ सटीक बैठती है. उम्र के 18 वे साल में ही इस लड़की ने वो कारनामा कर दिखाया है जो लोग पूरी उम्र में भी नहीं कर पाते है. 4 वर्ल्ड रिकार्ड्स के साथ मंच पर सैकड़ों परफॉरमेंस दे चुकी है. रियलटी शो से लेकर सामाजिक कार्यक्रमों के मंचो पर उन्होंने अपनी कला का जादू बिखेरा है. उत्तरप्रदेश सरकार की चाइल्डलाइन और दिल्ली के ‘लाडली बिटियाँ‘ प्रोग्राम की ब्रांड एम्बेसडर बन चुकी है. रिकार्ड्स बुक की सरताज और लोक एवं कत्थक नृत्यांगना का नाम है अंकिता बाजपेयी (Ankita Bajpayee).

उत्तरप्रदेश के लखनऊ शहर से आने वाली अंकिता लोक नृत्य एवं कत्थक डांसर (नृत्यांगना) है. अंकिता का जन्म 16 जून 2000 को इलाहाबाद के सामान्य परिवार में हुआ. अंकिता की माँ अमिता बाजपेयी भी कत्थक डांसर रह चुकी है. अंकिता ने छह वर्ष की उम्र से ही कत्थक डांस करना शुरू कर दिया था. उनकी पहली गुरु और प्रेरणा माँ ही है. वो पंडित बिरजू महाराज को भी अपना प्रेरणास्श्रोत मानती है.

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स्टेज पर परफॉरमेंस के दौरान अंकिता

अंकिता की मां ने अपनी बेटी की परवरिश के लिए सरकारी नौकरी छोड़ दी. पहले उनको इस बात के लिए अफसोस होता था मगर आज अंकिता ने जिस तरह से नाम कमाया है इससे अब कोई अफसोस नहीं. अंकिता ने अपनी मेहनत और लगन के साथ नृत्य करके कई रिकार्ड बनाये हैं.

बी पॉजिटिव इंडिया से बातचीत में अंकिता बताती है कि मैं भारतीय संस्कृति और डांस को बचाना चाहती हूँ. इसी के साथ ज्यादा से ज्यादा लोगो से जुड़कर उन्हें भारतीय कला एवं संस्कृति के बारे में जागरूक करना चाहती हूँ. वर्ल्ड रिकार्ड्स बनाने का यही उद्देश्य है कि लोगो की नज़र में हमारे प्राचीन एवं समृद्ध नृत्य कला जाए. इसके साथ ही समकालीन मुद्दों जैसे कि समाज एवं किसानों की समस्याओं पर भी प्रोग्राम करती हूँ.

ankita performance
परफॉरमेंस के दौरान स्टेज पर अंकिता

अंकिता न केवल स्टेज पर परफॉर्म करती है बल्कि स्लम्स के गरीब एवं पिछड़े बच्चों को डांस भी सींखाती है. उन्हें पढाई और जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है. वो उत्तरप्रदेश सरकार की ‘चाइल्डलाइन 1008‘ की ब्रांड एम्बेसडर भी है. इसके साथ ही लाडली फाउंडेशन दिल्ली की ब्रांड एम्बेसडर और बदलाव एनजीओ की आइकॉन है.

अंकिता अब तक कई वर्ल्ड रिकार्ड्स अपने नाम कर चुकी है जिनमें 24 घंटे तक लगातार डांस करना, बॉलीवुड अदाकारा श्रीदेवी के सम्मान में 60 मिनिट तक श्रीदेवी के 60 गानों पर डांस किया. इसके अलावा उलटी मटकी पर पांच घंटे तक डांस और 2 फ़ीट पानी में आठ घंटे तक डांस करने का रिकॉर्ड बनाया है.

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वर्ल्ड रिकॉर्ड के दौरान अंकिता

रिकॉर्ड बनाने पर अंकिता कहती है कि मैं समाज में यह सन्देश फैलाना चाहती हूँ कि महिलाये और लड़कियां कमजोर नहीं है. हम पुरुषों के बराबर है और समाज के विकास में मजबूत स्तम्भ है. अगर महिलाये चाहे तो कुछ भी कर सकती है.

अंकिता आगे बताती है कि पहला स्टेज शो मैंने 10 वर्ष की उम्र में किया था. वही 12 साल की उम्र में DID लिटिल मास्टर रियलिटी डांस शो में हिस्सा लिया था. इसके बाद लगभग 8 रियलिटी शोज में अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिला.

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अपनी माँ और भाई के साथ अंकिता

मूल रूप से इलाहबाद की रहने वाली अंकिता कहती है कि कत्थक का प्रशिक्षण मैंने इलाहाबाद में गुरु उर्मिला शर्मा से ली. लखनऊ में डांस का बेहतर माहौल है इसलिए 2012 में अपने परिवार के साथ लखनऊ शिफ्ट हो गयी. मेरा करियर बनाने के लिए मेरी माँ ने सरकारी नौकरी से त्यागपत्र दे दिया. पिता शिक्षा विभाग में क्लर्क है तो बड़ा भाई बी कॉम की पढाई कर रहे है.

अंकिता कहती है कि डांस के जरिये में सामाजिक सरोकार वाले कार्यों में अपना योगदान देती हूँ. बनारस में ‘गंगा बचाओं ‘ अभियान के लिए पांच बार मटके पर डांस कर चुकी हूँ. लाडली फाउंडेशन के जरिये निर्धन लड़कियों के विवाह समारोह में ‘बेटी बचाओं‘ अभियान के लिए प्रस्तुति दे चुकी हूँ. गरीब बच्चों को डांस एवं स्केटिंग सींखाती हूँ और एक डांस स्कूल खोलने का मन है जिसमें पिछड़े लोगो को मुफ्त में भारतीय संस्कृति एवं नृत्य में ट्रेनिंग देने की योजना है.

अंकिता को कई जगह पर अपनी कला का जादू बिखेरने का मौका मिला. जिनमें त्रिवेणी महोत्सव, जौनपुर, युथ कॉन्क्लेव, लखनऊ महोत्सव, खजुराहो, बेल्हा महोत्सव, सैफई, ताज महोत्सव, बाल उत्सव, UP महोत्सव, अवध महोत्सव, उत्तराखंड महोत्सव, उत्तरायणी, अवधी महोत्सव, भारतीय संस्कृति महोत्सव और सुरांजलि शामिल है.

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अवार्ड ग्रहण करती हुई अंकिता

अंकिता को कला के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए कई सम्मान मिल चुके है जिनमें उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों से लोकमत सम्मान-2017 ,वीमेन ऑफ़ द फ्यूचर अवार्ड-2018 (जयपुर), प्रयाग गौरव सम्मान-2013, यूपी बाल सम्मान-2017, अवध अवार्ड-2016, नवदुर्गा अवार्ड-2018, शान-ए-अवध अवार्ड-2017, युथ कॉन्क्लेव अवार्ड-2016, भारत रत्न अटल सम्मान-2017, मैं हूँ बेटी अवार्ड-2018, ग्लोबल आइकॉन अवार्ड-2018, HT वीमेन अवार्ड-2018, यशश्वी सम्मान-2018, बिटीया रानी अवार्ड-2016, नाच इंडिया अवार्ड-2014, ACTI अवार्ड-2015, ब्राह्मण गौरव सम्मान-2017, ह्यूमैनिटी अचीवर अवार्ड-2018, यूपी आइकॉन अवार्ड-2018, अवध गौरव सम्मान-2017, कला रत्न अवार्ड-2018, नारी अस्मिता सम्मान-2014, किड्स फेस्ट अवार्ड-2016, अवियन्स अवार्ड-2018 और एहसास अवार्ड-2016 के अलावा कई सम्मान शामिल है.

बी पॉजिटिव इंडिया, अंकिता बाजपेयी को भविष्य के लिए शुभकामनाए देता है. हम उम्मीद करते है कि आपसे प्रेरणा लेकर देश की बेटियां भी अपना नाम रोशन करेगी.

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