वैसे तो नेताओं को लेकर तमाम तरह की ऐसा बातें सामने आती रहती हैं जिससे उनके बारे में नकारात्मकता ही फैलती है, लेकिन आंध्र प्रदेश के वेस्ट गोदावरी से जो ख़बर आई है वो सच में इनके प्रति लोगों का नज़रिया बदलने वाली है । वहां के टीडीपी (तेलुगु देशम पार्टी) एमएलए निम्मला रामा नायडू (Nimmala Rama Naidu)  ने अंधविश्वास मिटाने के लिए कब्रिस्तान में 3 रात बिताई है।

दरअसल, जिस कब्रिस्तान में उन्होंने रात बिताई वहां मरम्मत और निर्माण का काम चल रहा था । इस बीच नगरपालिका के अधिकारियों ने विधायक को बताया कि अंधविश्वास की वजह से डर का मौहाल है और इस कारण मज़दूर ठीक से काम नहीं कर पा रहे और जिससे काम में देरी हो रही है ।

ऐसे में निम्मला रामा नायडू ने मजदूरों के जेहन से खौफ को निकालने और काम को जल्दी से निपटाने के लिए कब्रिस्तान में रात बिताने की तरकीब अपनाई ।  विधायक ने बीते 22 तारीख को पालकोल के इस कब्रिस्तान में चारपायी लगाई और पूरी रात वहीं बिताई  ।

विधायक का ये तरीका मिसाल बन गया और अब हर जगह उन उनकी तारीफ हो रही है  । इसके साथ ही मज़दूरों के मन से इससे जुड़ा डर भी निकल गया, साथ ही कब्रिस्तान की मरम्मत और निर्माण के काम में रुकावट भी दूर हो गई  ।

आपको बता दे कि निम्मला रामा नायडू 2014 में सत्ताधारी तेलुगु देशम पार्टी (TDP) से चुनाव लड़कर पहली बार विधानसभा पहुंचे थे । क्षेत्र में दाह-संस्कार एवं अन्य कर्मकांड के लिए हो रही दिक्कतों के कारण उन्होंने शमशान घाट बनाने के लिए 3 करोड़ का बजट सरकार से स्वीकृत करवाया लेकिन शुरुआती दो टेंडर में कोई ठेकेदार काम करने के लिए राज़ी नहीं हुआ ।

तीसरी बार टेंडर निकलने पर एक स्थानीय ठेकेदार ने दिलचस्पी दिखाई लेकिन अंध-विश्वास के चलते उसके मजदूरों ने काम करने से मना कर दिया । इस अंध-विश्वास को तोड़ने के लिए ही विधायक महोदय ने तीन दिन शमशान में बिताये और अपने दैनिक नित्यकर्मों का निर्वहन भी वही किया ।

निम्मला रामा नायडू 2014 आंध्रा यूनिवर्सिटी से पोस्ट-ग्रेजुएशन के साथ ही M Phil एवं पीएचडी कर चुके है तथा इन मान्यताओं के शुरू से ही प्रखर विरोधी रहे है ।

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