अपने पुश्तैनी व्यापार को आगे बढ़ाने के लिए इन्होनें अपने पिता को कंपनी के बोर्ड रूम से हटने का सुझाव दिया और आक्रामक रणनीति एवं आधुनिक तकनीक की बदौलत आज भारत की सड़कों पर दौड़ने वाली हर तीसरी कार तो सिंगापूर की हर दूसरी कार में में इनकी कंपनी द्वारा बनायीं गयी बैटरी इस्तेमाल होती है । आज वो देश की दूसरी सबसे बड़ी बैटरी निर्माता कंपनी बन गयी है ।

इनके ग्राहकों में फोर्ड, हुंडई , हौंडा एवं मारुती सुजुकी जैसी बड़ी कार निर्माता कम्पनिया है । इनकी कंपनी कार से लेकर मोटरसाइकिल , एटीएम, टावर्स और औद्योगिक संस्थानों को पावर सोलूशन्स उपलब्ध करवाती है । इस बैटरी ब्रांड का नाम है Amaron और इसको Amara Raja Batteries Limited बनाती है । पेशे से उद्योगपति एवं वर्तमान में गुंटूर (आँध्रप्रदेश) से सांसद तथा Amara Raja Group के मैनेजिंग डायरेक्टर है गल्ला जयदेव (Galla Jayadev)

1997 में अमेरिका की प्रतिष्ठित बैटरी निर्माता कंपनी Johnson Controls के साथ साझेदारी करके Amara Raja Batteries ने भारतीय मार्केट में नयी तकनीक के साथ धमाका मचा दिया लेकिन शुरू के दो-तीन सालों के बाद उनकी कंपनी का प्रॉफिट धीरे-धीरे कम होने लग गया । इस मुख्य कंपनी के ख़राब प्रदर्शन का असर ग्रुप की अन्य कंपनियों के रेवेन्यू पर भी असर पड़ा ।

2003 में जयदेव ने Amara Raja बैटरीज की कमान अपने हाथ में ली लेकिन उस समय अर्थव्यवस्था में सुस्ती के साथ ही बैटरी उद्योग में भी परिवर्तन हो रहे थे । बैटरी के दाम बढ़ती प्रतिस्पर्धा के कारण कम होते जा रहे थे और कार एवं ऑटोमोबाइल उद्योग भी आशा के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर रहा था । इन सब कारणों के चलते जयदेव को एक काँटों का ताज मिला ।

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अपने पिता के साथ गल्ला जयदेव | Image Source

घटते मुनाफे एवं प्रतिस्पर्धा के कारण उन्हें इस संघर्ष के समय में अपनी पहचान साबित करने का सुनहरा अवसर भी मिला । घटते मुनाफे के कारण उनके पिता और उनके बीच कई बार वैचारिक बहस होती थी और अंततः उनके पिता ने इस कंपनी को जयदेव को सौंप दिया और उन्होंने Amara Raja group की अन्य कंपनियों पर फोकस किया ।

कंपनी की कमान अपने हाथ में आने के बाद जयदेव ने मार्केटिंग रणनीति को ज्यादा आक्रामक किया और ऑटोमोबाइल के साथ अन्य क्षेत्रों में भी बैटरी का उत्पादन करना शुरू किया । कंपनी की कार्यपद्धति एवं नीतियों में आमूलचूल परिवर्तन से कंपनी ने मुनाफा बढ़ाना शुरू किया ।

इसके लिए उन्होंने अलग तरह का फ्रैंचाइज़ी मॉडल भी अपनाया । सबसे ज्यादा काम उन्होंने बैटरी टेक्नोलॉजी में किया और अपने अमेरिकी तकनिकी पार्टनर की मदद से कम कीमत में बिना मेंटेनेंस और 3 साल की वारंटी के साथ अपने प्रोडक्ट बेचना शुरू किया ।

निर्णयों में तेजी एवं बाजार के सकारात्मक प्रदर्शन से Amaron ब्रांड ने कम समय में ही तरक्की का रास्ता अपना लिया और 2016 के वित्तीय वर्ष में लगभग 1 बिलियन डॉलर का व्यापार किया ।

अपने मजबूत डीलरशिप नेटवर्क एवं उच्च गुणवत्ता युक्त तकनीक के साथ ही प्रिंट मीडिया एवं आउटडोर मार्केटिंग के बलबूते AMRON आज भारत का दूसरा सबसे बड़ा बैटरी ब्रांड बन गया है । इस सफलता के पीछे मेहनत करने का श्रेय जयदेव को ही जाता है ।

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Amara Batteries कंपनी का आंध्रप्रदेश के चित्तूर में स्थित मैन्युफैक्चरिंग प्लांट | Image Source

जयदेव का जन्म आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले में एक औद्योगिक परिवार में हुआ है । उनके पिता जिन्होंने Amara Raja group की स्थापना की । जयदेव के दादा स्वतंत्रता सेनानी थे और उन्होंने भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई थी ।

अपने जन्म के 4 वर्ष के बाद ही जयदेव अपने माता-पिता के साथ अमेरिका चले गए और मिशिगन शहर से उन्होंने अपनी पढाई पूरी की । शुरुआत में वो इंजीनियरिंग की पढाई करना चाहते थे लेकिन पॉलिटिक्स में रूचि के कारण उन्होंने राजनीती शास्त्र एवं इकोनॉमिक्स की पढाई की ।

1982 में उनके पिता वापस भारत लौट आये और उन्होंने Amara Raja बैटरीज की स्थापना की और अपना पहला मैन्युफैक्चरिंग यूनिट आंध्र प्रदेश के चित्तूर में खोला । इसके साथ ही उन्होंने खाद्य प्रसंस्करण एवं अन्य कई क्षेत्रों में अपनी कंपनी का विस्तार किया । जब जयदेव भारत लौटे तो उन्होंने भी अपने पिता की कंपनी में काम करना शुरू किया ।

जयदेव की शुरुआत से राजनीती में दिलचस्पी थी लेकिन व्यापारिक प्रतिबद्धताओं के चलते उन्हें 48 वर्ष की उम्र में 2014 के लोकसभा चुनावों में तेलुगु देशम पार्टी की तरफ से चुनाव लड़ने का मौका मिला और भरी मतों के साथ विजय हासिल करके उन्होंने अपने करियर की दूसरी पारी की शुरुआत की ।

जयदेव ने अपने व्यापारिक कौशल एवं आक्रामक रणनीतियों के चलते Amara Raja group को आज सफलता के मुकाम पर पहुंचा दिया है । Amaron आज भारत का जाना-पहचाना ब्रांड बन चूका है और लगातार सफलता के झंडे गाड़ रहा है । आज उनका ग्रुप न केवल भारत बल्कि विदेशों में भी अपनी गुणवत्ता एवं तकनीक के कारण नाम कमा रहा है ।

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तेलुगु सुपरस्टार महेश बाबू और अपने परिवार के साथ गल्ला जयदेव | Image Source

जयदेव ने तेलुगु सुपरस्टार कृष्णा की बेटी से शादी की और वर्तमान में सुपरस्टार “महेश बाबू” उनके साले है । उनके दोनों बेटे भी सिनेमा में काम करने के लिए अभिनय की पढाई कर रहे है । अपने बेटों को फिल्म जगत में स्थापित करने के लिए जयदेव ने एक प्रोडक्शन कंपनी की भी नींव रखीं है ।

जयदेव अभी अपने बिज़नेस के साथ ही राजनीती के जरिये लोगों की सेवा कर रहे है और अपने दोनों कर्तव्यों में सामंजस्य बिठा रखा है । जयदेव ने लोकसभा में अपने क्षेत्र की समस्याओं के साथ ही नोटबंदी और वित्तीय मामलों में अच्छी पकड़ रखते है ।

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