हौसला अगर मजबूत हो तो जिंदगी की हर मुश्किलें आसान हो जाती है.

यह पंक्तियाँ उत्तराखंड की एक युवती पर सटीक बैठती हैं. ससुराल वालों ने दहेज़ के लिए मांग रखी तो उन्होंने शादी करने के लिए मना कर दिया. समाज के तौर-तरीकों और रिवाजों में बंधना इनको मंजूर नहीं था. जीवन में संघर्ष करते हुए उन्होंने आगे की पढाई की और अब उत्तराखंड की असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती में टॉप किया. अपने परिवार के सहयोग और खुद की मेहनत के बलबूते इन्होने सफलता की नयी इबारत लिख दी. संघर्षों के बाद प्रतियोगी परीक्षा में टॉप करने वाली लड़की का नाम हैं एल्बा मंड्रेले.

विपरीत परिस्थितियों में भी अपने जज्बे के जरिये उन्होंने सफल होकर साबित कर दिया हैं की अगर चाह हैं तो राह हैं. सामान्य परिवार से आने वाली एल्बा का 2017 में विवाह तय हुआ था लेकिन कुछ ही दिनों बाद ससुराल पक्ष ने दहेज की मांग रख दी. इसके बाद एल्बा ने शादी से इंकार कर दिया और अपनी पढाई जारी रखी. इसके बाद उन्होंने वह कर दिखाया, जिससे उन पर सिर्फ परिवार ही नहीं बल्कि शहर के लोग भी नाज करते हैं.

दहेज की वजह से शादी करने से इनकार करने वाली एल्बा उत्तराखंड लोक सेवा आयोग(UKPSC) की वर्ष 2019 की असिस्टेंट प्रोफसर की परीक्षा में प्रदेश में टॉप किया है. फिलहाल वो पं. बद्री दत्त पांडे राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय बागेश्वर में तैनात हैं.

एल्बा कहती है कि जिदंगी में कभी हार नहीं माननी चाहिए. कभी-कभी हार ऐसा रास्ता दिखा देती है जो जीत की ओर जाता है. एल्बा ने बातया कि दस साल तक वो सरकारी और गैर सरकारी संस्थाओं में नौकरी के साथ-साथ अपनी पढ़ाई जारी रखी.

एल्बा ने कहा कि वो अपने वेतन का आधे से ज्यादा हिस्सा जरूरतमंद बच्चों की शिक्षा के लिए खर्च करती हैं. उनकी जिंदगी में उनकी मां ही सबसे बड़ा प्रेरणास्श्रोत रही हैं. बच्चों के विकास एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना उनका लक्ष्य हैं.

बी पॉजिटिव इंडिया, एल्बा मंड्रेले के साहस एवं जज्बे को सलाम करता हैं और उम्मीद करता हैं कि आप से प्रेरणा लेकर देश की अन्य लड़कियां भी अपने पैरों पर खड़ी होगी.

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