एक किसान परिवार में पैदा होकर किसानों के लिए एक पत्रिका निकालने से अपना सफर शुरू करने वाले इस शख़्सियत ने भारत के मीडिया एवं फिल्म प्रोडक्शन की परिभाषा बदल कर रख दी है । उनके द्वारा बनाये गए उपक्रम के बारे में कहा जाता है कि फिल्म की स्क्रिप्ट या कहानी लेकर हमारे पास आइये और फिल्म का प्रिंट लेकर जाइये । इस उपक्रम में प्रोडक्शन के पहले , के दौरान एवं बाद में उपयोग होने वाली हर तकनीक एक ही जगह पर उपलब्ध है । इस फिल्म सिटी को गिन्नीज बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकार्ड्स में भी जगह मिली है । अपनी व्यापारिक दूरदर्शिता और कौशलता से “रामोजी फिल्म सिटी ” की नींव हैदराबाद में रखी है और तेलुगु सिनेमा को बढ़ावा देने वाले इस व्यक्ति का नाम है , चेरूकुरी रामोजी राव (Cherukuri Ramoji Rao ) जो रामोजी राव के नाम से जाने जाते हैं।

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रामोजी का जन्म 16 नवम्बर 1936 को आंध्रप्रदेश के कृष्णा जिले में एक मध्यमवर्गीय कृषक परिवार में हुआ। रामोजी राव (Ramoji Rao)आज देश के जाने माने-माने व्यवसायी और मीडिया महारथी हैं। वे रामोजी ग्रुप के चैयरमैन है। रामोजी ग्रुप में दुनिया का सबसे बड़ा फिल्म स्टूडियों रामोजी फिल्म सिटी (Ramoji film city ), मार्गदर्शी चिटफंड, ईनाडू तेलुगु अखबार, ईटीवी नेटवर्क (ETV Network) , प्रिया फूड्स(Priya Foods), डॉल्फिन हॉटल्स (Dolphin Chain of Hotels), उषाकिरण मूवीज (Ushakiran Movies) के साथ ही अन्य उद्योग भी शामिल है। रामोजी ग्रुप का मुख्यालय हैदराबाद में स्थित है।

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Ramoji Group’s companies

अपनी पढाई ख़त्म करने के बाद उन्होंने विशाखापट्टनम से एक किसान पत्रिका “अन्नदाता” का प्रकाशन शुरू किया जो उनकी किसानो के हित एवं समस्याओं को उजागर करने के साथ ही किसानों को नवीनतम तकनीक के बारे में जानकारी देती थी । इस पत्रिका को तटीय आंध्र प्रदेश के किसानों ने हाथो-हाथ लिया और उनकी पत्रिका अपने समय की ब्लॉकबस्टर साबित हुई ।

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पत्रिका को मिली सफलता के बाद उन्होंने एक न्यूज़ पेपर निकालने की योजना बनाई और हैदराबाद से उन्होंने ईनाडू तेलुगु अखबार का प्रकाशन किया जो तब तक का सबसे प्रसिद्ध तेलुगु समाचार पात्र बन गया । प्रिंट मीडिया में सफलता के बाद उन्होंने टीवी और डिजिटल मीडिया की तरफ अपना कारोबार शुरू करने का फैसला किया और ETV नेटवर्क के माध्यम से भारत की लगभग हर स्थानीय भाषा का न्यूज़ और मनोरंजन चैनल की स्थापना की । स्थानीय भाषाओँ में टीवी चैनल की कमी का रामोजी राव ने जबरदस्त फायदा उठाया और वो जल्द ही देश के अग्रणी रीजनल TV मीडिया ग्रुप बन गए । इसी ETV नेटवर्क को उन्होंने TV18 ग्रुप को बाद में अच्छी-खासी कीमत पर बेच दिया ।

टीवी और प्रिंट मीडिया की सफलता के बाद उन्होंने तेलुगु फिल्म निर्माण में अपना हाथ आजमाया और उषाकिरण मूवीज के नाम से एक प्रोडक्शन हाउस का निर्माण किया जिसके द्वारा उन्होंने तेलुगु फिल्म जगत की कई नामी-गिरामी फिल्मों का निर्माण किया । फिल्म निर्माण के दौरान ही उन्हें एक समस्या का पता चला कि फिल्म की शूटिंग होने के बाद बहुत समय पोस्ट प्रोडक्शन एवं एडिटिंग में चला जाता है और इसके लिए विभिन्न एजेंसियों की मदद लेनी पड़ती है जो न केवल फिल्म के निर्माण में देर करती है बल्कि फिल्म का बजट भी बढ़ा देती है ।

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इस समस्या के निराकरण के लिए उन्होंने हैदराबाद के पास ही एक फिल्म सिटी का निर्माण करने का फैसला किया जिसमे फिल्म निर्माण के दौरान काम आने वाली हर एक आवश्यक जगह और वस्तु उपलब्ध हो । इनके मार्गदर्शन और दूरदर्शिता से रामोजी फिल्म सिटी (Ramoji film city ) बन कर तैयार हुई जिसमे सदाबहार उद्यान, कृत्रिम फव्वारे, शानदार होटल्स, मनोरंजन केंद्र आदि रामोजी फिल्म सिटी की खास विशेषता है। रामोजी फिल्म सिटी में एक साथ बीस विदेशी फिल्मों और चालीस देशी फिल्मों की शूटिंग की जा सकती है। यहां 47 साउंड स्टेज हैं। साथ ही, हवाई अड्डा, रेलवे स्टेशन, आलीशान इमारतें, सेट्स निर्माण के लिए कलाकार और अन्य तमाम तरह की सुविधाएं मौजूद है।

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Ramoji Film City का एक दृश्य

रामोजी फिल्म सिटी के बारे में कहा जाता है कि स्क्रिप्ट लेकर आइये और फिल्म प्रिंट लेकर जाइए। यानी फिल्म प्री-प्रोडक्शन, प्रोडक्शन और पोस्ट-प्रोडक्शन की तमाम सुविधाएं एक जगह मौजूद हैं। रामोजी फिल्म सिटी हैदराबाद के मुख्य शहर से पच्चीस किलोमीटर पूर्व हयातनगर के निकट विजयवाड़ा रोड पर स्थित है। यह देशी-विदेशी फिल्मकारों और पर्यटकों के बीच समान रूप से लोकप्रिय है। हर वर्ष करीब दस लाख पर्यटक यहां पर्यटन के लिए आते हैं।

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इसके अलावा भी रामोजी ने कई अन्य क्षेत्रों में भी अपना व्यवसाय खड़ा किया जिसमे FMCG क्षेत्र में प्रिया फूड्स , वित्तीय लेन-देन क्षेत्र में मार्गदर्शी चिटफंड तथा होटल व्यवसाय में डॉल्फिन हॉटल्स नाम से अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई । रामोजी के बारे में कहा जाता है कि वो जिस चीज़ को छूते है वही चीज़ सोना हो जाती है । अनेक क्षेत्रों में उन्होंने अपना लौहा मनवाया और एक बिज़नेस साम्राज्य खड़ा कर दिया ।

एक किसान परिवार से निकल कर अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर बिना किसी मैनेजमेंट की डिग्री के रामोजी राव ने एक बिज़नेस एम्पायर खड़ा कर दिया । आज रामोजी की सफलता की कहानी कई मैनेजमेंट कॉलेज में एक केस स्टडी के तौर पर पढाई जाती है । 2016 में सिनेमा और मीडिया में अपने खास योगदान के लिए भारत सरकार द्वारा देश का दूसरा सर्वश्रेष्ठ सम्मान ” पद्म – विभूषण ” से नवाजा गया जो उनकी मेहनत और लगन का परिचायक है ।

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